विलो स्मिथ ने चैट शो पर कहा कि, 'पोलीमोरी के साथ मुझे ऐसा लगता है कि आजादी का आधार ही ऐसे रिलेशनशिप स्टाइल को अपनाना है जिसमें आप सहज महसूस कर सके। सिर्फ मोनोगमी (किसी एक ही व्यक्ति से संबंध) को अपना लेना आजादी नहीं है वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि 'लोग' इसे सही मानते हैं।
विलो ने आगे इस कॉन्सेप्ट पर बात करते हुए समझाया कि पोलीमोरी का मतलब एक साथ ढेर सारे सेक्सुअल पार्टनर रखना नहीं है। 'मैं आपको एक उदाहरण देती हूं। मान लेते हैं कि आप एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसे हर वक्त सेक्स करने की इच्छा नहीं होती। दूसरी तरफ आपको पार्टनर को ये इच्छा होती है। ऐसे में क्या आप वो इंसान बनना चाहेंगे जो अपने पार्टनर से कहे कि मुझे ये इच्छा नहीं है तो तुम्हें भी ये इच्छा नहीं होनी चाहिए?
आगे विलो ने कहा कि, 'मैंने पोली में इस कारण भी दिलचस्पी दिखाई क्योंकि मैंने इस कॉन्सेप्ट को नॉन सेक्सुअल नजरिए से देखा था। मेरे दोस्तों के ग्रुप में मैं एकलौती पोलीमोरस इंसान हूं। विलो ने बताया कि वो पोलीमोरी में यकीन रखती हैं, लेकिन उन्होंने खुद को कभी ऐसे नहीं देखा कि वो एक बार में दो लोगों से संबंध रखें। उन्होंने बताया कि वो 17 साल की उम्र में पोलीमोरी के बारे में सोचने लगी थीं। विलो ने कहा, 'मैं और मेरे पार्टनर लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थें और मैं उसे रोक कर नहीं रखना चाहती थी। ऐसा नहीं था कि मैं उस पर भरोसा नहीं करती थी, लेकिन जब मुझे समझ आया कि कैसे ये हम दोनों के लिए बेहतर होगा तो मुझे सब ठीक लगने लगा'।