गुजराती फिल्म 'लालो- कृष्ण सदा सहायते' ने कान फिल्म फेस्टिवल में इतिहास रच दिया है। यह उन पहली गुजराती फिल्मों में से एक बन गई है जो ग्लोबल लेवल पर पहुंची है। यह फिल्म भारत की क्षेत्रीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक ले गई है।
निर्माताओं ने दर्शकों को दिया धन्यवाद
कान में 'लालो' का पहुंचना गुजराती सिनेमा के लिए मील का पत्थर है। फिल्म की कामयाबी और ग्लोबल पहचान के लिए आभार व्यक्त करते हुए, निर्माताओं ने इस पूरे सफर के दौरान सपोर्ट देने के लिए दर्शकों को धन्यवाद कहा है।
लालो: कृष्णा सदा सहायते
- फोटो : यूट्यूब
क्या बोले निर्देशक?
फिल्म के निर्देशक अंकित सखिया ने एक बयान में कहा 'कान फिल्म फेस्टिवल में 'लालो' की अगुआई करना हमारे लिए गर्व की बात है। हमारा मानना है कि हमारी भाषा, हमारी संस्कृति और यह फिल्म ही हमें यहां तक लाई है। हमें 'लालो' के जरिए गुजरात और उसकी संस्कृति का एक छोटा सा हिस्सा ग्लोबल स्तर पर ले जाने का सम्मान मिला है। हमें उम्मीद है कि यह फिल्म भाषा और सीमाओं से परे जाकर लोगों के दिलों से जुड़ेगी।'
लालो: कृष्णा सदा सहायते
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क्या बोले फिल्म के निर्माता?
फिल्म के निर्माता अजय पड़ारिया, जय व्यास और जिगर दलसानिया ने कहा कि इस फिल्म की कल्पना हमेशा एक ऐसी कहानी के रूप में की गई थी जो सीमाओं से परे जाकर दर्शकों के दिलों को छू सके। निर्माताओं ने एक बयान में कहा, ''लालो' के निर्माताओं के तौर पर, हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा हमेशा यही रही है कि हम इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। सिनेमा तब सार्थक बनता है जब वह लोगों के दिलों तक पहुंचता है।'
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कब रिलीज हुई फिल्म?
बता दें कि फिल्म 'लालो- कृष्ण सदा सहायते' में रीवा रच, श्रुहद गोस्वामी और करण जोशी अहम किरदारों में हैं। यह 9 जनवरी 2026 को रिलीज हुई थी।