Coronavirus: How To Isolate Yourself
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की सबसे पहले खबर देने से लेकर अमिताभ बच्चन को सदी का महानायक घोषित करने तक ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कंपनी यानी बीबीसी ने भारतीय दर्शकों और श्रोताओं को अपने मोहपाश में जकड़े रखा है। अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने के अगले क्रम में बीबीसी ने अब कोरोना वायरस पर एक बेहद जरूरी वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) बनाया है। एक घंटे की इस फिल्म में दुनिया के कुछ बड़े चिकित्सक ये बताने जा रहे हैं कि दुनिया भर में फैल चुकी इस बीमारी के दौर में खुद को अलग थलग कैसे रखें?
जैसे-जैसे नावेल कोरोनावायरस के विरुद्ध लड़ाई तेज हो रही है, इसका प्रसार रोकने के लिए दुनिया भर में करोड़ों लोग स्वैच्छिक अलगाव की अवधि का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सोनी बीबीसी अर्थ चैनल ने अपनी विशेष पहल के हिस्से के रूप में भारत में एक महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘कोरोनावायरस : हाउ टू आइसोलेट योरसेल्फ’ दिखाने का फैसला किया है।
डॉ. जैंड वान तुलेकेन और मनोवैज्ञानिक किम्बर्ली विल्सन की मेहनत से बनी ये फिल्म इस वैश्विक महामारी के बारे में जरूरी बातों की वन-स्टेप गाइड बताई जा रही है और ये भी दावा किया जा रहा है कि इसमें उपयोगी एवं विश्वसनीय नुस्खों एवं सुझावों का खजाना है। भारत में ये फिल्म सोमवार को रात 9 बजे दिखाई जाएगी।
जैंड वान तुलेकेन ब्रिटेन के जनरल मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टर हैं। मौजूदा हालत को समझने के लिए उन्होंने तमाम विशेषज्ञों से मुलाकात की और ये जाना कि कोरोनावायरस से इस लड़ाई में सेल्फ आइसोलेशन (स्वेच्छिक अलगाव) सबसे अधिक जरूरी क्यों है। इस डाक्यूमेंट्री फिल्म में किम्बर्ली पर भी फोकस किया गया है जो सेल्फ-आइसोलेशन से उत्पन्न मनोवैज्ञानिक चुनैतियों की गहरी जानकारी दे रही हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोनावायरस एक गंभीर चिंता का विषय है और इससे उबरने में दुनिया को काफी समय लगेगा। ऐसे में समझने की जरूरी चीज यह है कि हर व्यक्ति सेल्फ-आइसोलेशन में रहकर इसे कम करने में भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, हर किसी के लिए इतनी अधिक जानकारियां हैं कि उनसे भ्रम और विरोधाभास पैदा हो सकता है, लेकिन यह भी नहीं भूलना चाहिए कि वायरस के तरह ही गलत जानकारी भी संक्रामक होती है।