अर्धशतक लगाने वाली है फिल्म
फिल्म 'हनुमान अंश' को मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब दो करोड़ रुपये की लागत के साथ बनाया गया है। फिल्म जब थिएटर्स में लगी तो शुरुआत के दो हफ्ते ठंडी रही और दो वीक में कुल 1.48 करोड़ रुपये ही कमा पाई। मगर, तीसरे वीक इस फिल्म ने ऐसा कमाल करना शुरू किया। चौथे वीक में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अर्धशतक लगाने वाली है।
'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस
- फोटो : अमर उजाला
शोभिनाव सत्या की दर्शकों से अपील
विशाल चतुर्वेदी निर्देशित इस फिल्म में महाराज जी के किरदार में अभिनेता शोभिनाव सत्या नजर आए हैं। उनके अलावा फिल्म में विहान शेज, चंदन के. आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रास्तोगी, गुलशन पांडे, भगवानदास पटेल और राजीव मिश्रा समेत कई और कलाकार हैं।
अभिनेता शोभिनाव सत्या ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दर्शकों का आभार जताया है। साथ ही यह अपील की है कि फिल्म देखने के बाद अधिक से अधिक लोगों को इसके बारे में बताएं। सिर्फ अपने स्टेटस तक न रखें।
क्या भंडारे की वजह से हुई हिट?
- इस फिल्म को न तो बड़े बजट में बनाया गया है। न ही कोई व्यापक स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार किया गया।
- अपने बॉक्स ऑफिस आंकड़ों से इसने जिस तरह चौंका दिया है, उसे लोग एक चमत्कार ही मान रहे हैं।
- कुछ इसे बाबा नीम करोली की कृपा मान रहे हैं।
- कुछ लोग मेकर्स की रणनीति को भी अहम बता रहे हैं।
- दरअसल, पारंपरिक प्रमोशन करने के बजाय मेकर्स ने कुछ अलग-अलग जगहों पर भंडारे करवाए और बाबा नीम करोली का मैसेज लोगों तक पहुंचाया।
- इससे माउथ पब्लिसिटी का माहौल बना और लोग यह फिल्म देखने के लिए प्रेरित हुए।
- देखते-देखते लोग सिनेनाघरों का रुख करने लगे और नतीजा सबके सामने हैं।
'टॉक्सिक' और 'स्पाइडर मैन 4' के सामने दिखा दम
- फिल्म 'हनुमान अंश' ने सफलता की ऐसी कहानी रच दी है, जो सबको चौंका रही है।
- साल 2026 की यह सबसे बड़ी सक्सेस स्टोरी है।
- यह फिल्म इस बात का भी बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे लोगों के बीच अच्छी चर्चा जंगल की आग की तरह फैलती है और दर्शकों की भीड़ में बदल जाती है।
- कम बजट की यह फिल्म ऐसे वक्त में रिलीज हुई जब बॉलीवुड की 'बंटवारा 1947' और 'आवारापन 2' जैसी फिल्में लगी थीं।
- वहीं, हॉलीवुड की 'स्पाइडर मैन 4' भी मजबूती से टिकी थी।
- बाद में पैन इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' आ गई।
- मगर, 'हनुमान अंश' ने हर चुनौती का सामना किया और बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमा दी।
- यह फिल्म इस बात की भी मिसाल पेश करती है कि कंटेंट अच्छा हो तो वर्ड ऑफ माउथ, स्टार पावर और मार्केटिंग पर भारी पड़ता है।