लीजेंड्री निर्देशक-निर्माता और एक्टर गुरु दत्त की आज 100वीं जयंती है। गुरु दत्त ने अपनी फिल्मों के जरिए हिंदी सिनेमा में कई नए आयाम सेट किए हैं। यही वजह है कि उन्हें एक विजनरी फिल्ममेकर माना जाता है। उन्होंने उस वक्त में भी समय से पहले की फिल्में बनाई हैं। उनकी फिल्मों की दूरगामी सोच को इसी से समझा जा सकता है कि उनका ड्रीम प्रोजेक्ट रही ‘कागज के फूल’ जो उस समय डिजास्टर साबित हुई थी। आज हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में शामिल है और फिल्म मेकिंग के कोर्स में पढ़ाई जाती है। जानते हैं गुरु दत्त की कुछ ऐसी ही कल्ट क्लासिक फिल्मों के बारे में और इन्हें कहां देखा जा सकता है।
प्यासा
1957 में आई ‘प्यासा’ को हिंदी सिनेमा की एक कल्ट फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में एक स्ट्रगलिंग कवि की कहानी दिखाई गई है। जो अपनी कविताओं को प्रकाशित करवाना चाहता है। इस फिल्म में गुरु दत्त के अभिनय को काफी सराहा गया था और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सफल रही थी। गुरु दत्त द्वारा निर्देशित यह फिल्म प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। अगर आपने नहीं देखी है तो वहां देख सकते हैं।
कागज के फूल
गुरु दत्त की फिल्म ‘कागज के फूल’ की गिनती हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘कागज के फूल’ गुरु दत्त के करियर की एकमात्र डिजास्टर फिल्म है। 1959 में आई ये फिल्म गुरु दत्त का ड्रीम प्रोजेक्ट थी। इस फिल्म को समय से पहले की फिल्म बताया जाता है। ’कागज के फूल’ पहली फिल्म थी जिसे सिनेमास्कोप फॉर्मेट में शूट किया गया था।
इस फिल्म में एक मशहूर निर्देशक के एक न्यूकमर एक्ट्रेस के प्यार में पड़ने की कहानी को दिखाया गया है। ‘कागज के फूल’ को गुरु दत्त की ऑटोबायोग्राफी भी बताया जाता है। क्योंकि गुरु दत्त भी वहीदा रहमान के प्यार में पड़ गए थे, जिन्हें उन्होंने ही लॉन्च किया था। अपने रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर बनी ‘कागज के फूल’ आज कई फिल्म इंस्टीट्यूट में फिल्म मेकिंग के लिए पढ़ाई जाती है। इसे ऑल टाइम ग्रेटेस्ट फिल्मों में गिना जाता है। ‘कागज के फूल’ ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर मौजूद है।
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साहेब बीवी और गुलाम
गुरु दत्त, वहीदा रहमान और मीना कुमारी की फिल्म ‘साहेब बीवी और गुलाम’ भी गुरु दत्त की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म का निर्देशन गुरु दत्त के बेस्ट फ्रेंड अबरार अल्वी ने किया है। फिल्म कोलकाता में रह रहे एक जमींदार परिवार की कहानी है। फिल्म उस समय के जमींदारों के अपनी पत्नी के अलावा बाहर की औरतों से अफेयर के मुद्दे को उठाती है। ये फिल्म अगर आपने नहीं देखी तो आप इसे यूट्यूब पर देख सकते हैं।
मिस्टर एंड मिसेज 55
‘मिस्टर एंड मिसेज 55’ गुरु दत्त द्वारा निर्देशित और प्रोड्यूस की गई एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। फिल्म अनीता नाम एक लड़की की कहानी पर आधारित है। जिसके पिता अपनी मौत से पहले बेटी के लिए 7 लाख रुपए की बिल छोड़ गए हैं, लेकिन शर्त ये है कि उसे अपने 21वें जन्मदिन से पहले शादी करनी होगी। इसके बाद उसकी बुआ उसके लिए एक ऐसा लड़का ढूंढना चाहती हैं जो सिर्फ बिल की शर्त को पूरा करने के लिए अनीता से शादी करे और उसके बाद उसे तलाक दे दे। ताकि बिल के पैसे भी मिल जाएं और अनीता को शादी के बंधन में भी न बंधना पड़े। ऐसे लड़के के रूप में मिलते हैं गुरु दत्त। हालांकि, बाद में कहानी क्या मोड़ लेती है ये फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म में गुरु दत्त के साथ मधुबाला प्रमुख भूमिका में नजर आई हैं। ये फिल्म आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।
चौदहवीं का चांद
‘कागज के फूल’ फ्लॉप होने के बाद गुरु दत्त ने निर्देशन करना छोड़ दिया, लेकिन एक्टिंग उन्होंने जारी रखी। 1960 में आई फिल्म ‘चौदहवीं का चांद’ में भी गुरु दत्त बतौर अभिनेता नजर आए थे। ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। लखनऊ की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म की कहानी दोस्ती, प्यार और वफादारी पर आधारित है। फिल्म में गुरु दत्त के साथ वहीदा रहमान और रहमान प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर मौजूद है।