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Govinda: 'जिम्मेदारी थी, सोचता था बस कहीं से पैसा आ जाए...', गोविंदा को लेकर पहलाज निहलानी ने किया खुलासा

Wed, 02 Jul 2025 09:18 PM IST
सिराजुद्दीन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Pahlaj Nihalani On Govinda: हाल ही में एक पॉडकास्ट में पहलाज निहलानी ने गोविंदा के बारे में बात की है। उन्होंने बताया है कि गोविंदा के साथ क्या दिक्कतें थीं। 
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पहलाज निहलानी, गोविंदा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गोविंदा ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। इन फिल्मों में 'हीरो नंबर 1', 'राजा बाबू' और 'आंखें' शामिल हैं। इसके अलावा भी कई फिल्मों में उनके रोल और डांस यादगार हैं। हालांकि इन दिनों उनके स्क्रीन से दूर होने की वजह से उनके फैंस निराश हैं। कई लोगों का कहना है कि गोविंदा थोड़ा घमंडी हैं इसलिए उनके करियर में डाउनफॉल आया है। उनके एटीट्यूड की वजह से निर्देशक और निर्माता उनके साथ काम नहीं करना चाहते थे। हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी ने बताया है कि गोविंदा के साथ क्या दिक्कत है।

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अनिश्चितता से भरे हुए थे गोविंदा
लर्न फ्रॉम द लीजेंड पॉडकास्ट से बातचीत में पहलाज निहलानी ने बताया 'गोविंदा हर चीज को लेकर अनिश्चितता से भरे हुए थे। उनके पिता महबूब खान के चहेते थे। वह फिल्म निर्माता भी थे। उन्हें कई बार नुकसान हुआ। उन्होंने इतना दर्द सहा, फिर भी बहुत सारी चीजें उनके हाथ से निकल गईं और संघर्ष करना पड़ा। यह सभी चीजें उनके अंदर बस गईं। इसलिए उनका एट्टीट्यूड ऐसा हो गया था।'

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गोविंदा के आयोजन की तैयारी में जुटे समाजजन
गोविंदा जैसा एक्टर नहीं मिलेगा
उन्होंने गोविंदा के बारे में कहा 'उनकी कोशिश थी कि किसी तरह से पैसे आ जाएं। उनके पास भाई बहनों की जिम्मेदारियां थीं। वह पैसों में उलझे रहते थे। वह सब कुछ करना चाहते थे। उनका नजरिया ही ऐसा हो गया था। उनके पास काम और दबाव बहुत था। वह वहमी भी हो गए थे। यह सारी चीजें उनको खाती रहीं। हालांकि आपको गोविंदा जैसा एक्टर नहीं मिलेगा।'
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पहलाज निहलानी ने की गोविंदा की मदद
पहलाज निहलानी ने गोविंदा के बारे में कहा 'उसने शोला और शबनम' में काम किया। उस वक्त उनके पास कोई काम नहीं था। जब उनके पास कोई काम नहीं था, तब मैंने उन्हें 'शोला और शबनम' फिल्म दी। वह इसमें पहली बार कॉमेडी कर रहे थे। फिर उनके पास कोई काम नहीं था तब मैंने उन्हें फिल्म 'आंखें' दीं। मैंने उनकी छवि बदली। 'शोला और शबनम' और 'आंखें' दोनों एक दूसरे की विपरीत हैं। मैंने उन्हें उस रोल के काबिल बनाया।'
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