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रंगारंग सूफी नाइट और अवॉर्ड सेरेमनी के साथ जीएमएफ-2025 का समापन, सौरभ शुक्ला ने सुनाए रोचक किस्से

Mon, 15 Dec 2025 08:47 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

GMF Award 2025: ग्रोथ मल्टीप्लायर फिनफेस्ट (जीएमएफ) एंड अवॉर्ड 2025 का समापन शनिवार को हुआ। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सौरभ शुक्ला भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में कुछ रोचक किस्से सुनाए।

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सौरभ शुक्ला - फोटो : एक्स (ट्विटर)
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विस्तार
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एएएफएम इंडिया और अमर उजाला बोनस की ओर से आयोजित ग्रोथ मल्टीप्लायर फिनफेस्ट (जीएमएफ) एंड अवॉर्ड 2025 का समापन शनिवार को केंद्रीय सड़क और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और फिल्म अभिनेता सौरभ शुक्ला की उपस्थिति में हुआ। दो दिन तक चले इस कार्यक्रम में बीएफएसआई इंडस्ट्री से जुड़े दिग्गजों ने भारत की तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था में अपनी भागीदारी को और तेजी से बढ़ाने पर मंथन किया।

सूफी संगीत कार्यक्रम का आयोयन किया गया 

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मुंबई के द ललित होटल में शुक्रवार को शुरू हुए कार्यक्रम का शुभारंभ एनआईएसएम के डायरेक्टर शशी कृष्णन ने किया। इसके बाद म्यूचुअल फंड कंपनियों के लीडर्स ने तमाम विषयों पर मंथन किया। दिन भर चले प्रजेंटेशन और पैनल डिस्कशन के बाद रात को रंगारंग सूफी संगीत नाइट का आयोजन किया गया। दिल्ली के उसूल बैंड ने सूफी गानों पर बीएफएसआई दिग्गजों को झूमने पर मजबूर कर दिया। शनिवार को एक बार फिर म्यूचुअल फंड, टेक्नोलॉजी, बीमा और बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज जुटे और तमाम विषयों पर परिचर्चा की। शनिवार को गोल्ड बनाम इक्विटी: कौन जीतेगा रेस? विषय पर इक्विटी और कमोडिटी के दिग्गजों के बीच गर्मागरम बहस हुई। इक्विटी क्षेत्र के दिग्गज रचित खंडेलवाल और चंदन तापड़िया ने इक्विटी में निवेश कैसे और कितना सही है पर अपने तर्क दिए। वहीं दूसरी ओर कमोडिटी के दिग्गज अजय केडिया और जयप्रकाश गुप्ता ने भी कार्यक्रम में कमोडिटी के पक्ष में अपने विचार रखें। 

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सौरभ शुक्ला ने सुनाए रोचक किस्से
बॉलीवुड अभिनेता सौरभ शुक्ला ने अमर उजाला से पैसे को लेकर समझ, निवेश और बचत पर खुलकर बात की और कुछ रोचक किस्से भी सुनाए। उन्होंने कहा कि पैसे को महसूस करने का वक्त नहीं मिला, क्योंकि पैसे आए नहीं। उन्होंने कहा कि कॉमर्स का कमाल का स्टूडेंट था। डेबिट और क्रेडिट के बारे में नहीं पता था। अब फाइनेंस के बारे में बस मुझे ये पता है कि सभी अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखें। उन्होंने कहा कि हास्य दुख से बचने की सबसे कारगर दवा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के रोडमैप पर विचार रखे। इस अवसर पर नितिन गडकरी और सौरभ शुक्ला ने वित्तीय क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों को अवॉर्ड प्रदान किए।  

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