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गणेश चतुर्थी: बॉलीवुड की इन फिल्मों में गणपति बप्पा की एंट्री बनी टर्निंग पॉइंट, बदल गई कहानी

Mon, 14 Sep 2026 06:00 AM IST
राजश्री वर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Ganesh Chaturthi 2026: बॉलीवुड में ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिनमें गणेश चतुर्थी की झलक देखने को मिली। अब आपको उन मूवीज के बारे में बताते हैं, जिसमें गणपति बप्पा के आने के साथ ही कहानी में भी मोड़ आया।
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गणेश चतुर्थी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज 14 सितंबर को महाराष्ट्र के साथ-साथ देश भर में गणेश चतुर्थी का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों, ढोल-नगाड़ों के बीच मुंबई की गलियां में उत्सव देखने को मिल रहा है। सेलेब्स और आम लोगों के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्मों में भी कई बार गणपति उत्सव की धूम देखने को मिली है।
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हिंदी फिल्मों में गणेश चतुर्थी सिर्फ भक्ति और जश्न का हिस्सा नहीं थी, बल्कि कई बार कहानी का सबसे अहम मोड़ भी साबित हुईं। कभी विसर्जन की भीड़ में किसी किरदार की पहचान बदली, तो कभी गणपति आरती के बीच शुरू हुई दुश्मनी ने पूरी कहानी का रुख पलट दिया। अब आपको ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में बताते हैं, जहां बप्पा की एंट्री टर्निंग पॉइंट बनी।

गणेश चतुर्थी - फोटो : सोशल मीडिया
डॉन
फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी शाह रुख खान स्टारर फिल्म 'डॉन' साल 2006 में रिलीज हुई थी, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था। इस मूवी में गणपति विसर्जन का सीन सिर्फ एक्शन सीक्वेंस नहीं, बल्कि फिल्म की कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट लेकर आया। 

'मौर्या रे' गाने की गूंज के बीच पुलिस डॉन का पीछा कर रही होती है। इसी अफरा-तफरी में डॉन घायल होकर कोमा में चला जाता है। इसके बाद कहानी एक नए मोड़ पर पहुंचती है, जब उसकी जगह बिल्कुल उसका हमशक्ल आम आदमी विजय को डॉन बनाकर गैंग में भेजा जाता है। यह घटिना पूरी फिल्म की पहचान, धोखे और सस्पेंस को बदल देती है।

वास्तव: द रियलिटी (1999)
संजय दत्त स्टारर 'वास्तव' में रघु नाम का किरदार मुंबई की अपराध की दुनिया में फंस जाता है। शुरुआत में वह एक आम लड़का होता है, लेकिन परिस्थितियां उसे गैंगस्टर बना देती हैं। फिल्म के क्लाइमेक्स में गणपति विसर्जन का जुलूस चल रहा होता है। चारों तरफ भीड़, ढोल-नगाड़े और बप्पा के जयकारे गूंज रहे होते हैं।

इसी भीड़ के बीच रघु पुलिस से बचने की कोशिश करता है और अपनी मां के पास पहुंचता है। रघु की मां समझ जाती है कि उसका बेटा अब अपराध की दुनिया से वापस नहीं लौट सकता। वह अपने बेटे को बचाने और उसकी जिंदगी का अंत करने के बीच एक बेहद दर्दनाक फैसला लेती है। गणपति विसर्जन के बीच मां अपने ही बेटे रघु को गोली मार देती है।

गणेश चतुर्थी - फोटो : सोशल मीडिया
अग्निपथ
'अग्निपथ' में 'देवा श्री गणेशा' वाला सीन कहानी से जुड़ा हुआ है। विजय गणपति पूजा करता है और उसी दौरान सूर्या को मारने निकलता है, जो पुलिस कमिश्नर गायतोंडे की हत्या की साजिश रच रहा होता है।

विजय का यह कदम कांचा चीना के खिलाफ उसकी खुली जंग को और तेज कर देता है। सूर्या की हत्या के बाद कांचा विजय और उसके परिवार को खत्म करने की कसम खाता है। यानी गणपति उत्सव के दौरान हुआ यह अपराध आगे होने वाले बड़े संघर्ष और क्लाइमेक्स की वजह बनता है।
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गणेश चतुर्थी - फोटो : सोशल मीडिया
सरकार 3
'सरकार 3'में गणपति आरती के दौरान कहानी में बड़ा मोड़ आता है। अमिताभ बच्चन का किरदार सुभाष नागरे गणपति आरती कर रहा होता है। इसी दौरान उस पर गोलीबारी होती है। यह हमला फिल्म की राजनीतिक साजिशों को खुलकर सामने लाता है और सत्ता संघर्ष को नई दिशा देता है।
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