आशुतोष गोवारिकर, शाहरुख खान
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क्या बोले गोवारिकर?
गोवारिकर ने कहा कि इस नियुक्ति से उन्हें बहुत गर्व और खुशी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा, 'मुझे इस फेस्टिवल के विकास का गवाह बनने का सौभाग्य मिला है। 1984 में इसमें शामिल होने से लेकर, वर्षों तक इससे जुड़े रहने तक का सफर अच्छा रहा है। 2024 में मैंने इसमें इंटरनेशनल सिनेमा के लिए जूरी प्रेसिडेंट के तौर पर काम किया।'
सम्मानित महसूस कर रहे निर्देशक
62 साल के इस निर्देशक ने कहा कि फेस्टिवल की विरासत को आगे बढ़ाना उनके लिए सम्मान और जिम्मेदारी, दोनों की बात है।
उन्होंने आगे कहा, '1952 से लेकर अब तक, दशकों से अनगिनत फेस्टिवल टीमों ने जिस विरासत को बनाया, संवारा और बढ़ाया है, उसे आगे बढ़ाना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है।'
IFFI का काम
1952 में शुरू हुआ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया, एशिया के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में से एक है। यह ग्लोबल सिनेमा में बेहतरीन काम को दिखाने और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अहम मंच का काम करता है।