हाल ही में इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने अपने बचपन से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। वह बताते हैं कि एक खास मामले में उनके पिता इरफान खान और मां सुतापा बहुत सख्त रहे। हर चीज देने वाले माता-पिता किस बात को लेकर बाबिल के लिए सख्त बन गए, जानिए?
बाबिल खान इन दिनों अपनी एक फिल्म ‘लॉगआउट’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई है। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान बाबिल खान ने बताया कि वैसे तो उनके पैरेंट्स किसी चीज के लिए मना नहीं करते थे लेकिन एक बात को लेकर वह बहुत सख्त रहे। जानिए, क्या है वो बात?
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इस चीज से पैरेंट्स ने रखा दूर
बाबिल खान ने फिल्म ‘लॉगआउट’ के प्रमोशन के दौरान बताया कि पैरेंट्स ने बचपन में उन्हें स्मार्ट फोन से दूर रखा। वह कहते हैं, ‘मेरे घर पर मुझे सब कुछ मिलता था, मुझे हर चीज की आजादी थी। लेकिन मुझे स्मार्ट फोन नहीं दिया गया।’ बाबिल आगे बताते हैं, ‘मैं जब 15 साल का हुआ तो एक बेसिक सा फोन दिया गया, जिससे मैं अपने पैरेंट्स से बात कर सकूं, उनके टच में रह सकूं। फिर जब मैं कॉलेज में गया तब मुझे स्मार्ट फोन मिला।’
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इन हॉबीज पर किया फोकस
बाबिल बताते हैं कि उनके पैरेंट्स बच्चों के स्मार्ट फोन यूज को लेकर बहुत सजग थे। यहां तक की उन्हें बचपन में प्लेस्टेशन गेम तक नहीं दिया गया। गेम, फोन से बाबिल दूर रहें, इसके लिए मां सुतापा हमेशा उन्हें गॉर्डनिंग, पेंटिंग जैसी हॉबीज पर फोकस करने को कहती थीं।
फिल्म 'लॉगआउट' का एक सीन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
क्या है लॉगआउट की कहानी
बाबिल खान की हालिया रिलीज फिल्म ‘लॉगआउट’ की बात करें तो इसमें स्मार्ट फोन के मायाजाल को दिखाया गया। फोन, सोशल मीडिया के साथ कैसे खतरे जुड़े हैं? इस बात पर फिल्म ‘लाॅगआउट’ की कहानी है। बाबिल इस फिल्म में लीड रोल में हैं।