'उलझन' से शुरू हुआ सफर
सुलक्षणा के पिता प्रताप नारायण पंडित एक कुशल शास्त्रीय गायक थे और उनके चाचा पंडित जसराज मशहूर शास्त्रीय गायक थे। संगीत का हुनर सुलक्षणा को विरासत में मिला। उन्होंने मात्र 9 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था। सुलक्षणा ने 1975 में फिल्म 'उलझन' से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसमें उनके साथ संजीव कुमार थे।
बड़े-बड़े सितारों के साथ किया काम
'उलझन' फिल्म से सुलक्षणा का अभिनय सफर शुरू हुआ। उन्होंने राजेश खन्ना, जितेंद्र, विनोद खन्ना, शशि कपूर और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया था। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'हेरा फेरी', 'अपनापन', 'खानदान', और 'वक्त की दीवार' शामिल हैं।
सुरीली आवाज से दिलों में बनाई जगह
सुलक्षणा न केवल अभिनेत्री थीं, बल्कि एक बेहतरीन गायिका भी थीं। उन्होंने अपनी फिल्मों में कई गाने गाए, जो बहुत लोकप्रिय हुए। 1967 में फिल्म 'तकदीर' में लता मंगेशकर के साथ उनका गाना 'सात समंदर पार से' खूब पसंद किया जाता है। जब वह संकल्प के सेट पर थीं, तो लता जी सेट पर उनसे मिलने आई थीं। लता जी ने सुलक्षणा की गायकी की तारीफ की और कहा, 'तुम्हारी आवाज में जादू है'। 1976 में फिल्म 'संकल्प' के गाने 'तू ही सागर तू ही किनारा' के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। उनके कई हिट गाने जैसे 'मौसम मौसम लवली मौसम' (थोड़ी सी बेवफाई) और 'बेकरार दिल' (दूर का राही) आज भी लोगों को पसंद हैं।