'हर दिन उनकी हर बात याद आती है'
धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं है, इस सच्चाई को धर्मेंद्र के प्रशंसक अभी तक स्वीकार नहीं कर पाए हैं। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके परिवार के लिए यह दुख कितना मुश्किल रहा होगा। हाल ही में एक इंटरव्यू में एशा देओल ने माना कि एक भी दिन ऐसा नहीं बीतता जब उन्हें अपने पिता की याद न आती हो। एशा ने बताया कि धर्मेंद्र उनकी जिंदगी के हर पड़ाव पर उनके साथ और उनके लिए मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के साथ बिताए 44 वर्षों में उन्होंने हमेशा उन्हें एक प्रेरणा के तौर पर देखा। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'उनका हाथ थामना, उनकी आवाज सुनना..., मैं हर दिन उनकी हर बात को याद करती हूं और हमेशा करती रहूंगी'।
धर्मेंद्र को टेडी बियर कहती थीं एशा
अभिनेत्री ने यह भी खुलासा किया कि वे अपने पिता को 'टेडी बियर' कहकर बुलाती थीं। पिता के निधन के बाद उनका बिस्तर टेडी बियर्स से भरा रहता है, क्योंकि वे उन्हें अपने पिता की याद दिलाते हैं। एशा ने कहा कि किसी अजीज शख्स को खोने का दुख कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता, बस समय के साथ लोग उसके साथ जीना सीख जाते हैं। धर्मेंद्र का पद्म विभूषण स्वीकार करने पर हेमा मालिनी के बारे में एशा देओल ने कहा, 'अपनी मां को उनकी तरफ से यह अवॉर्ड लेते हुए देखना बहुत भावुक पल था। मन में गर्व और आभार का भाव था और साथ ही यह इच्छा भी थी कि काश वह खुद वहां मौजूद होते'।
हेमा मालिनी-राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
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माता-पिता से मिले संस्कार बेटियों में डालेंगी एशा
उन्होंने कहा कि उन्हें भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण बहुत पहले मिल जाना चाहिए था। पूरे परिवार को हमेशा यही लगा कि उनके जीवित रहते हुए उन्हें और भी सम्मान मिलने चाहिए थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि धर्मेंद्र ने कभी भी अवॉर्ड्स को अपनी सफलता का पैमाना नहीं माना, क्योंकि उनके लिए लोगों का प्यार ही सबसे मायने रखता था। एशा देओल ने आगे कहा, 'मुझे हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की बेटी कहलाने पर गर्व है। यही मेरी सबसे अच्छी पहचान हो सकती थी और मैं इसके लिए शुक्रगुजार हूं। एशा के मुताबिक, वे चाहती हैं कि जो संस्कार उन्हें अपने माता-पिता से मिले, वही संस्कार वह अपनी बेटियों में भी डालें।