बंगाली फिल्म उद्योग की निर्देशक अपर्णा सेन।
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निर्देशक और स्क्रीन राइटर अपर्णा सेन और पश्चिम बंगाल के 49 अन्य नागरिकों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पत्र में राज्य की मौजूदा व्यवस्था पर चिंता करते हुए महिलाओं पर हो रहे हमलों को लेकर बात की है।
महिला अपराधों को लेकर लिखा पत्र
प्रेस क्लब कोलकाता में निर्देशिका ने संवाददाताओं से कहा, आर जी कर से पहले और बाद में न्यू टाउन, बांकुरा, जयनगर, अलीपुरद्वार और अन्य जगहों पर ऐसी कई घटनाएं हुई थीं और हम ऐसी सभी चीजों को समाप्त करना चाहते हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि कोलकाता को नेशनल क्राइम रिकॉर्ड का प्रमुख स्थान बन गया है। महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों की लिस्ट में ये शहर सबसे ऊपर आ गया है।
इस वजह से लिखा पत्र
पिछले साल 9 अगस्त को यहां सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक चिकित्सक के साथ बलात्कार और हत्या के पांच महीने बाद एक खुले पत्र में की गई थी। इस घटना को लेकर पत्र में लिखा गया कि लोगों ने सड़कों पर आकर प्रोटेस्ट किया। हम इस मामले पर कई तरह के कैंपेन चाहते हैं जिससे लोगों में जागरूकता आ सके।
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नहीं की इस्तीफे की मांग
पत्र में सभी ने लिखा कि कोई भी सरकार परफेक्ट नहीं होती है। हम मामले पर कार्रवाई चाहते हैं लेकिन किसी का इस्तीफा लेना हमारी मांग नहीं है। हमें वही सरकार मिलती है, जिसके हम लायक होते हैं। हमें जब सरकार चुनने का मौका मिले तब ही सोच समझकर वोट करना चाहिए। कोलकाता के अस्पताल पर हुई घटना को लेकर निर्देशक ने लिखा कि लोगों ने इस पर अपने विचार रखे लेकिन उसका कोई असर देखने को नहीं मिला।
टीएमसी लीडर ने रखी अपनी बात
इस मामले पर टीएमसी लीडर कुणाल घोष ने भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अपर्णा सेन समेत सभी लोगों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पश्चिम बंगाल महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खास शहर है। उन्होंने कहा, "अपर्णा सेन को लेफ्ट में रूल करते हुए 34 साल हो गए। इस दौरान सभी स्थितियों के बारे में उन्हें पता होगा, जब बंटाला जैसी घटनाएं घटित हुई थीं। वह उन दिनों के बारे में कुछ क्यों नहीं कहतीं?"