16000 से ज्यादा गाए थे गाने
जयचंद्रन ने मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी में 16,000 से अधिक गाने गाए थे। उन्हें भारतीय संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से नावाज गया था। इनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल सरकार का जे सी डैनियल पुरस्कार शामिल है।
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ऐसे शुरू हुआ फिल्मों में सफल
इस दौरान निर्माता शोभना परमेश्वरन नायर और निर्देशक ए विंसेंट ने चेन्नई में एक संगीत शो में उनके प्रदर्शन को देखा और उन्हें एक फिल्म में गाने का मौका दिया। इस तरह 1965 में फिल्म 'कुंजली मरक्कर' के लिए प्रख्यात गीतकार पी भास्करन द्वारा लिखे गए गीत 'ओरु मुल्लाप्पू मलयुमई' से उनकी शुरुआत हुई। हालांकि, उनका पहला रिलीज किया गया गाना 'कालिथोजान' नाम की फिल्म का 'मंजालयिल मुंगीथोर्थी' था।