पुरस्कार मिलने पर भावुक हुए आनंद एल राय
आनंद एल राय ने पुरस्कार मिलने पर अपनी खुशी जताते हुए एएनआई से बातचीत में कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सिर्फ इसलिए नहीं कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार है, बल्कि इसलिए भी कि यह डॉक्यूमेंट्री के लिए मेरा पहला पुरस्कार है। और मुझे सबसे अच्छी बात यह लगी कि इतनी सारी फिल्में बनाने के बाद भी, कुछ ऐसा था जो मुझे नहीं पता था। और यह कहानी कहने का एक नया तरीका है। और इतना काम करने के बाद, अगर आप किसी चीज में डेब्यू करते हैं, तो उसका अनुभव बिल्कुल अलग होता है।
यह एक बहुत ही सीखने वाला अनुभव है। यह कहानी कहने का एक नया तरीका है। मैंने पहली फिल्म में कुछ गलतियां कीं। लेकिन मुझे लगता है कि अगर मैं कभी दोबारा डॉक्यूमेंट्री बनाऊंगा, तो इससे बेहतर काम करूंगा। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डॉक्यूमेंट्री में जिन लोगों के बारे में मुझे पता था, इस बार मुझे लगा कि मैं उनके बारे में बहुत कम जानता था।'
आनंद एल राय ने क्यों किया अक्षय को शुक्रिया?
आगे अपनी बातचीत में आनंद एल राय ने कहा, ‘ इस डॉक्यूमेंट्री को मुझ तक पहुंचाने के लिए वही जिम्मेदार हैं। अगर वे नहीं होते, तो यह डॉक्यूमेंट्री मुझ तक नहीं पहुंच पाती। जब उन्होंने मुझे इस डॉक्यूमेंट्री के बारे में बताया, तो मुझसे संपर्क किया गया। पहले तो मैं हिचकिचाया, लेकिन फिर मुझे एहसास हुआ कि मुझे यह अवसर नहीं गंवाना चाहिए। और अक्षय सर ने इसमें मेरा बहुत हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा, 'हां, तुम इसे करो, तुम्हें मजा आएगा।’
आनंद एल राय ने धनुष पर क्या बोले?
अपनी बातचीत में आगे धनुष को लेकर आनंद एल राय ने कहा, 'जब आपके पसंदीदा अभिनेता को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार मिलता है, तो थोड़ा डर लगना स्वाभाविक है। अगली बार जब वो सेट पर आएंगे, तो ज्यादा सवाल नहीं पूछेंगे। लेकिन धनुष के साथ काम करना मुझे हमेशा अच्छा लगता है। और, उनके साथ मेरा रिश्ता ऐसा है कि अगर हम एक महीने, दो महीने, तीन महीने तक न भी मिलें, तो भी प्यार की कोई कमी नहीं रहती'