दिलीप जोशी ने की ट्रेवल एजेंसी में नौकरी
सफलता की इस चमक के पीछे एक लंबा संघर्ष छिपा है। एक इंटरव्यू में दिलीप जोशी ने खुलासा किया था कि एक्टिंग में करियर बनाने से पहले वो लगभग एक साल तक बेरोजगार रहे। इस दौरान उन्होंने एक ट्रेवल एजेंसी में को-ओनर के रूप में काम किया था। करीब पांच साल तक उन्होंने वहां काम किया, लेकिन उनका दिल तो एक्टिंग में ही था। जब काम नहीं मिला तो वो किसी भी छोटे-मोटे रोल को करने के लिए तैयार रहते थे।
‘जेठालाल’ से पहले ऑफर हुआ ‘बापू जी’ का रोल
बहुत कम लोग जानते हैं कि 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में दिलीप जोशी को पहले ‘चंपकलाल’ यानी बापूजी का किरदार ऑफर हुआ था। लेकिन शो के प्रोड्यूसर असित मोदी ने उन्हें किरदार चुनने की आजादी दी। खुद दिलीप जोशी ने बताया कि उन्होंने सोचा कि वो बापूजी के किरदार में फिट नहीं बैठेंगे, इसलिए उन्होंने ‘जेठालाल’ का रोल निभाने का फैसला किया और आज जेठालाल का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
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18 महीने घर पर बैठे खाली
शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ साल 2008 में शुरू हुआ था और तब से दिलीप जोशी इस शो के सबसे मजबूत स्तंभ बने हुए हैं। एक दौर ऐसा भी आया था जब वो लगातार 18 महीने तक बेरोजगार रहे। लेकिन इसके बाद उन्हें जो किरदार मिला, उसने उनकी किस्मत बदल दी। आज वो इस शो के हर एपिसोड के लिए करीब 1.5 लाख रुपये चार्ज करते हैं।
संपत्ति और लग्जरी लाइफस्टाइल
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिलीप जोशी की कुल संपत्ति करीब 47 करोड़ रुपये के आसपास है। उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां हैं और वो मुंबई में एक आलीशान घर के मालिक हैं। लेकिन इन सबके पीछे उनकी मेहनत, संघर्ष और जुनून की कहानी छिपी है।