छात्र आंदोलन पर तीखी टिप्पणी, जानिए क्या कहा?
कंगना रनौत ने सीजेपी छात्र आंदोलन पर लगातार तीखी टिप्पणी कीं। उन्होंने प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी और इसमें शामिल युवाओं, खासकर जेन-जी को कथित तौर पर 'गटर जेनरेशन' तक कहा। इस पर काफी हंगामा हुआ। कंगना ने कहा था कि 'ये किस तरह के छात्र हैं'? इसके अलावा अभिनेत्री ने सवाल किया, 'हमारे 75 साल के प्रधानमंत्री को और उनकी दिवंगत मां को बेहद भद्दी गालियां दी गईं। हमने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन ये किस तरह के छात्र हैं? और कैसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं'?
सौरव दास को कहा-'कहां से स्टूडेंट हैं ये'
जेन-जी को 'जेनरेशन गटर' कहे जाने पर कंगना रनौत की इस टिप्पणी पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि 'कंगना को उनकी पार्टी वाले ही ज्यादा नहीं पूछते'। इसके बाद कंगना ने सौरव का यह वीडियो अपनी इंस्टा स्टोरी पर पोस्ट करके एक नोट लिखा है।
कंगना ने लिखा है, 'मैंने इस शख्स के बारे में गूगल किया और पता चला कि वह 28 साल का स्टूडेंट है। वह स्टूडेंड होने का दावा कैसे कर सकता है? मुझे इसके बारे में कोई अंदाजा नहीं। हां, मैं पिछले दो वर्षों से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 वर्षों से पब्लिक लाइफ में हूं। उसकी उम्र में मेरे पास दो नेशनल अवॉर्ड्स थे। हां, एक नए सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से दब गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर और एंटरप्रेन्योर भी हूं। साफ-साफ कहूं तो, जो इंसान पूरी तरह से बेकार और बेरोजगार है, वह कभी नहीं समझ पाएगा कि हर उम्र में और हर समय भारी डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। प्यारे सौरव, तुम्हारे मुद्दे पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम बस बेकार हो। चलो, कोई स्किल सीखने से शुरुआत करते हैं। यह शुरुआत करने के लिए एक अच्छी जगह है'।
किसान आंदोलन पर क्या कहा था?
इससे पहले कंगना रनौत साल 2024 में किसान आंदोलन के दौरान भी बोली थीं और उनकी टिप्पणी पर काफी हंगामा हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंगना ने कहा था कि अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व कमजोर होता तो भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। सभी ने देखा कि किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाई गई। बता दें कि कृषि कानूनों को वापस लिए जाने के केंद्र के फैसले पर कंगना ने कहा था कि जब बिल वापस लिया गया तो सभी उपद्रवी चौंक गए। उनकी प्लानिंग बहुत लंबी थी। हालांकि कंगना के बयान पर भाजपा ने कहा था, 'पार्टी कंगना के बयान से असहमति व्यक्त करती है। पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं। पार्टी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें'।
'1947 में आजादी मिली'
कंगना रनौत अपनी इस टिप्पणी पर आज भी खूब ट्रोल होती हैं। उन्होंने नवंबर 2021 में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में कहा था, 'भारत को 'असली आजादी' 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई। 1947 में देश को जो स्वतंत्रता मिली थी वह 'भीख' में मिली थी। कंगना की इस टिप्पणी पर काफी विवाद हुआ था। कंगना रनौत की इस टिप्पणी पर राजनीतिक महकमे में भी खूब हलचल हुई थी और तीखी प्रतिक्रिया दी गई।
राहुल गांधी पर कर दी थी ये टिप्पणी
कंगना रनौत ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर भी विवादित टिप्पणी की थी। मार्च 2026 में कंगना रनौत ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा था, 'हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत ज्यादा असहजता महसूस होती है, क्योंकि वे एकदम 'टपोरी' की तरह आते हैं। किसी को भी ऐ तू ऐसे करके तू-तड़ाक करते हैं। ऐसे कोई इंटरव्यू दे रहा हो तो उनको वो हूटिंग कॉल्स करते हैं'। कंगना ने कहा था कि राहुल गांधी को अपनी बहन प्रियंका गांधी के व्यवहार को देखना चाहिए, जो बहुत अच्छा है'।