मंगलवार को कई राज्यों के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि इंडियन सिनेमा हब पोर्टल को एक सिंगल विंडो पोर्टल में बदल दिया गया गया है। इससे पूरे भारत में फिल्ममेकिंग को लेकर मांगी जाने वाले सुविधा, अनुमति सहजता से मिल जाएगी।
सिनेमा अनुकूल नीतियां बनाना है उद्देश्य
पीटीआई के अनुसार सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मुरुगन ने कहा, ‘हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में फिल्म अनुकूल नीतियों पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में जीआईएस(GIS) सुविधा सिनेमा बिजनेस को बढ़ावा देती है।’ मंगलवार को हुए सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भी जनसंचार में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को मजबूत करना है। साथ ही प्रेस सेवा पोर्टल और इंडिया सिने हब ठीक से काम करे, इस बात को भी सुनिश्चित करना है। इसके अलावा सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए, बुनियादी ढांचे का विकास करना भी इस सम्मेलन का मकसद रहा।
मोबाइल सिनेमा मॉडल बनाने का प्रस्ताव रखा गया
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टियर-3 और टियर-4 शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और जिलों के लिए मॉड्यूलर और मोबाइल सिनेमा मॉडल डेवलप करने का प्रस्ताव भी रखा है। सम्मेलन में बताया गया कि जीआईएस मैपिंग का इस्तेमाल करके कम स्क्रीन वाली जगहों की पहचान की जाएगी। इसके बाद मौजूदा बुनियादी ढांचे का फिर से इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही साथ सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए किफायती सिनेमा के बुनियादी ढांचे में निवेश करने के लिए लोगों को आकर्षित किया जाएगा।
इंडिया सिने हब से होगा फायदा
सूचना एवं प्रसारण सचिव संजय जाजू ने भी डिजिटल क्रिएटर, लोकल मीडिया के बढ़ने और जिला स्तर के सूचना एवं जनसंपर्क व्यवस्थाओं को सशक्त बनाने की जरूरत पर भी बात की। संजय जाजू ने सभी राज्यों से प्रेस सेवा पोर्टल के साथ आने का आग्रह किया। जाजू ने सिनेमा और कंटेंट क्रिएशन के फाइनेंशियल एंगल पर भी जोर दिया। वह चाहते हैं कि बड़े शहरों के साथ-साथ लोकल लेवल पर भी टैलेंट सामने आए। यही कारण है कि फिल्म मेकिंग और कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए इंडिया सिने हब जैसी पहल शुरू की गई थी। आखिर में इस सम्मेलन का मकसद राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित अधिकारियों को प्रेस सेवा पोर्टल के बारे में जागरूक करना और इससे जोड़ना था।