मनोज जी के जाने के बाद क्या आपका विचार बदला?
दरअसल, एक दिन प्रोड्यूसर का कॉल आया और उन्होंने कहा कि हम कुछ नया कर रहे हैं, आप जॉइन करेंगे क्या? मैंने कहा कि अभी नहीं हो सकता, काम करने का मन नहीं है। उस दौरान जो ऑफर्स आ रहे थे, वो ज्यादातर वेब सीरीज के थे, जहां गंदे सीन, एक्सपोज और दूसरी चीजें होती हैं। फिर जब भाबीजी में सेट और कॉन्सेप्ट बदलने की बात हुई, तब भी मैंने इंकार ही किया। फिर एक दिन को-एक्टर आसिफ शेख का कॉल आया। उन्होंने बस इतना कहा कि आ जाओ। उस पल मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा और हामी भर दी। शायद इसलिए, क्योंकि ये पूरा शो मनोज जी का कॉन्सेप्ट था। कई बार ऐसा होता है कि किसी अपने की सोच आपको खींच ले जाती है और आप बिना ज्यादा सोचे बस कह देते हैं चलो।
9 साल बाद जब सेट पर लौटे तो पहला दिन कैसा रहा?
भाबीजी बदली नहीं जा सकतीं। अगर वो बदल गईं तो मजा नहीं आएगा। 9 साल बाद जब सेट पर लौटी तो उस दिन सब कुछ बहुत इमोशनल था। भाबीजी के गेटअप में आने के बाद मैंने खुद को आईने में भी नहीं देखा। वो पल बहुत भारी था, क्योंकि इस शो से बहुत कुछ जुड़ा है, अच्छा भी, बुरा भी और विवाद भी। इस शो को 10 साल हो गए हैं, जिसमें मैंने सिर्फ एक साल काम किया और इतने लंबे वक्त बाद फिर से इससे जुड़ना शायद ये मेरी किस्मत में ही लिखा था।
मैं बस यही चाहती थी कि इस बार सब कुछ पूरे सम्मान के साथ हो। मैं नहीं चाहती थी कि मुझे देखकर किसी के चेहरे पर कोई गलत रिएक्शन आए या फिर से रिश्ते बिगड़ें, क्योंकि पहले भी हमारा रिश्ता गलत तरीके से टूटा था। शुरुआत में इस बात का डर जरूर था कि लोगों का रिएक्शन क्या होगा, लेकिन जब मैं सेट पर गई तो सबने बहुत प्यार से वेलकम किया। लोग मेरे कमरे में आए, मुझे विश किया, बात की और कहा थैंक यू फॉर कमिंग बैक। उस पल मुझे लगा कि शायद इस वापसी का वक्त अब सही था।