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‘इक्कीस ने मुझे बदल दिया’, अगस्त्य नंदा ने सुनाए शूटिंग के किस्से; बच्चन परिवार के इस नियम का किया खुलासा

सार

Agastya Nanda On Ikkis: अगस्त्य नंदा फिल्म ‘इक्कीस’ से बड़े पर्दे पर कदम रखने जा रहे हैं। यह सिनेमाघरों में रिलीज हो रही उनकी पहली फिल्म है। रिलीज से पहले अगस्त्य ने फिल्म की शूटिंग और धर्मेंद्र के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। जानिए एक्टर ने क्या कुछ बताया…
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अगस्त्य नंदा इक्कीस फिल्म में - फोटो : यूट्यूब ग्रैब
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विस्तार
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फिल्म ‘इक्कीस’ की रिलीज से फिल्म के मुख्य अभिनेता अगस्त्य नंदा ने फिल्म को लेकर बात की। मीडिया से बातचीत में अगस्त्य ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव, डर, सीख और निजी यादों को खुलकर साझा किया। इस दौरान एक्टर ने धर्मेंद्र के साथ पहली मुलाकात से लेकर शूटिंग के दौरान उठाए गए जोखिम, अपने चार साल के सफर और परिवार से मिली सीख तक के बारे में बताया। अभिनेता ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक गहरा और निजी अनुभव रही है। जानिए अगस्त्य ने फिल्म से जुड़ी और क्या बातें साझा कीं…

ऐसे हुई धर्मेंद्र के साथ पहली मुलाकात

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दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र से अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए अगस्त्य ने बताया कि जब मैंने यह फिल्म साइन की थी, उसी दिन धर्मेंद्र जी का जन्मदिन था। मुझे लगा कि खुद को उनसे मिलवाने का सबसे सही तरीका यही होगा कि जाकर उनका आशीर्वाद लिया जाए। उस दिन श्रीराम सर, दिनेश सर, बिनी और मैं उनसे मिलने गए थे। सच कहूं तो मैं बहुत नर्वस था, क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे क्या कहूं और कैसे बात करूं। लेकिन वह बेहद गर्मजोशी से मिले। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया और वह पल मेरे साथ हमेशा के लिए जुड़ गया।
वह आपसे दोस्त की तरह बात करते थे। वह बहुत सहज थे, युवा सोच वाले थे और ऊर्जा से भरे हुए थे। मैं उनके साथ ज्यादा शूट नहीं कर पाया, क्योंकि उनके ज्यादातर सीन जयदीप सर के साथ थे। लेकिन वह एक दिन जो मैंने उनके साथ बिताया, मेरे लिए बहुत खास है। वह मेरी सबसे पसंदीदा यादों में से एक है। सेट पर वह हमेशा मौजूद रहते थे। वह लोगों से बात करते थे और सेट के माहौल का हिस्सा बने रहते थे। अब जब फिल्म देखता हूं तो वह एहसास थोड़ा कड़वा मीठा सा हो जाता है, क्योंकि यह सोचकर दुख होता है कि वह अपनी दी हुई इस खूबसूरत परफॉर्मेंस को देख नहीं पाए। वह फिल्म में सच में बहुत प्यारे और दिल को छू लेने वाले लगते हैं।

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इक्कीस - फोटो : यूट्यूब ग्रैब

जब बिग बी के घर में घुसा धर्मेंद्र का फैन
नाना अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की दोस्ती को लेकर अगस्त्य ने कहा कि मेरे नानाजी अमिताभ बच्चन ने धर्मेंद्र जी के साथ कई वर्षों तक काम किया है। उनके पास उनसे जुड़ी बहुत सारी कहानियां हैं। एक किस्सा उन्होंने सुनाया था। जहां नानाजी के पुराने घर प्रतीक्षा में एक बार एक फैन किसी तरह घर के अंदर आ गया। नानाजी का स्टडी रूम ऊपर की मंजिल पर था। नानाजी जब रसोई की तरफ जा रहे थे, तब उन्होंने देखा कि एक अजनबी सीढ़ियां चढ़ रहा है। उन्होंने उससे पूछा कि आप कौन हैं और मेरे घर में क्या कर रहे हैं। उस व्यक्ति ने जवाब दिया कि मैं धरमजी से मिलने आया हूं। नानाजी ने बहुत शांति से कहा कि वह यहां नहीं रहते। वह तीन चार घर आगे रहते हैं। आप गलत घर में आ गए हैं। ऐसी ही छोटी, मजेदार और बहुत इंसानी कहानियां हैं, जिन पर आज भी हमारे घर में सब लोग हंसते हैं।

यह खबर भी पढ़ेंः ‘युवा अमिताभ बच्चन की याद दिलाते हैं अगस्त्य नंदा’, निर्देशक श्रीराम राघवन ने साझा कीं ‘इक्कीस’ से जुड़ी बातें

फिल्म के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला
फिल्म ‘इक्कीस’ के सफर के बारे में अगस्त्य ने कहा कि सच कहूं तो इस फिल्म की शुरुआत करने को लेकर आज जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो मैं खुद को एक बिल्कुल अलग इंसान महसूस करता हूं। जब मैंने यह फिल्म शुरू की थी, तब मैं सिर्फ 21 साल का था और आज मैं 25 का हूं। उस वक्त मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि मैं इतना कुछ सीखूंगा या इतने शानदार लोगों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। यह फिल्म मेरे लिए सच में एक मजबूत नींव बन गई है। ऐसी नींव, जिसे मैं आगे हर फिल्म में अपने साथ लेकर जाऊंगा। चाहे वह अभिनय से जुड़ा हो या फिर सेट पर रहने के नजरिए से। दिनेश सर से जो मार्गदर्शन मुझे मिला, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

दिनेश विजन और श्रीराम राघवन का जताया आभार
‘इक्कीस’ के मेकर्स दिनेश विजन और निर्देशक श्रीराम राघवन की अगस्त्य ने जमकर तारीफ की। एक्टर ने कहा दिनेश विजन ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसके लिए मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा। क्योंकि मेरी पहली फिल्म नहीं चली थी और मुझे अच्छे रिव्यू भी नहीं मिले थे। तब भी दिनेश सर और श्रीराम सर ने मुझसे कहा कि हम तुम पर भरोसा करते हैं और तुम्हें एक और मौका देंगे। मैंने इसे खुद को साबित करने का आखिरी मौका मानकर किया। मेरे लिए ‘इक्कीस’ सिर्फ एक और फिल्म नहीं है, यह मेरे लिए बहुत निजी है। यह बात मैंने श्रीराम सर से सीखी है। वह कभी भी ऐसा कुछ नहीं करते जो उन्हें स्वाभाविक न लगे। मैं यह सीख अपनी आने वाली हर फिल्म में साथ लेकर जाऊंगा।

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फिल्म इक्कीस - फोटो : इंस्टाग्राम@maddockfilms

जोखिम भरी रही फिल्म की शूटिंग
फिल्म की शूटिंग से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए नवोदित कलाकार ने कहा कि शूटिंग के दौरान कई ऐसे पल आए जब सच में लगता था कि कुछ भी हो सकता है। हमने ये टैंक खुद बनाए थे, इसलिए वे काम करने के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित नहीं थे। फिल्म के दूसरे हिस्से में कुछ एक्शन सीन बहुत जोखिम भरे हैं। हमने ऐसे मूवमेंट किए जो असली टैंक करते हैं। हमने काफी रिहर्सल की थी, लेकिन फिर भी डर बना रहता था। खासकर तब, जब टैंक 20 या 30 फीट की ऊंचाई पर मुड़ता था। उस वक्त सच में डर लगता था कि कहीं वह पलट न जाए। इसके अलावा धमाके हो रहे थे। हर चीज की टाइमिंग बिल्कुल सही होनी थी और टैंक को ठीक उसी पल रुकना था। यह सब आसान नहीं था। शुक्र है कि कुछ गलत नहीं हुआ।

क्या बात ‘इक्कीस’ को बनाती है सबसे अलग
अगस्त्य ने कहा कि हमने कई खूबसूरत फिल्मों से प्रेरणा ली। रेफ्यूजी, मेजर साब, बॉर्डर ये सभी भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्में हैं। मैंने इन्हें अपनी तैयारी के लिए जरूर देखा। लेकिन ‘इक्कीस’ का विषय इन सबसे अलग है। सेना का हिस्सा अलग है और नजरिया भी अलग है। फिर भी एक सैनिक का किरदार निभाने का मौका मिलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। यह सिर्फ देशभक्ति या गर्व का एहसास ही नहीं कराती। यह जीत का एहसास भी देती है, लेकिन इसके साथ यह उस इंसानी पहलू को भी दिखाती है जो बाद में रह जाता है। यह फिल्म उस भावनात्मक कीमत को भी दिखाती है, जो परिवार चुकाते हैं।

खाने के वक्त काम के बारे में बात नहीं करता बच्चन परिवार
अगस्त्य ने बच्चन परिवार को लेकर भी बात की और घर के सबसे अहम नियम के बारे में बताया। अगस्त्य ने बताया कि हमारे घर में एक नियम है कि डाइनिंग टेबल पर काम की बातें नहीं होतीं। कौन सी फिल्म कर रहे हैं, कौन सा सीन शूट कर रहे हैं या आगे क्या करने वाले हैं, इस पर कभी चर्चा नहीं होती। यह नियम हमेशा से रहा है। परिवार से मुझे हमेशा यही सीख मिली है कि खुद समझो और खुद रास्ता निकालो। वे ऐसे लोग नहीं हैं जो आपको बताएं कि क्या करना है या कैसे करना है। उम्मीद है कि यह फिल्म इतनी बातचीत पैदा करेगी कि हम आखिरकार उस नियम को तोड़ दें और घर में फिल्मों पर बात होने लगे।

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