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Sharad Kelkar: इंटेंस इमेज से बोर हुए शरद केलकर, बोले- ‘अब क्राइम मास्टर गोगो बनकर लोगों को हंसाना है’

सार

Sharad Kelkar: शरद केलकर को अक्सर इंडस्ट्री में पुलिस अफसर या इंटेंस किरदारों के लिए ही कास्ट किया गया है। मगर उनके मन में कुछ और ही चल रहा- वो ऑनस्क्रीन ‘क्राइम मास्टर गोगो’ बनना चाहते हैं।
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शरद केलकर - फोटो : एक्स-@SharadK7
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विस्तार
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बॉलीवुड में एक बार कोई इमेज बन जाए, तो उससे बाहर निकलना आसान नहीं होता। 'सिर्फ एक्शन ही करता है', 'सिरियस ही दिखता है', 'कॉमेडी से दूर रखो' - ऐसी धारणाएं हर एक्टर को कभी न कभी झेलनी पड़ती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ एक्टर शरद केलकर के साथ। शरद केलकर को अक्सर इंडस्ट्री में पुलिस अफसर या इंटेंस किरदारों के लिए ही कास्ट किया गया है। मगर उनके मन में कुछ और ही चल रहा- वो ऑनस्क्रीन ‘क्राइम मास्टर गोगो’ बनना चाहते हैं।

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शरद केलकर - फोटो : एक्स-@SharadK7
मुझे क्राइम मास्टर गोगो का रोल करना है 
अमर उजाला से खास बातचीत में शरद ने अपनी दिल की बात रखी। उन्होंने कहा, 'मैं क्राइम मास्टर गोगो का रोल करना चाहता हूं। अंदाज अपना अपना वाला। अब जाहिर है, मैं आमिर या सलमान तो बन नहीं सकता, पर क्राइम मास्टर गोगो जैसा किरदार करने में मुझे बड़ा मजा आएगा।' शरद ने बताया कि कॉमेडी करने की उनकी बड़ी इच्छा है, लेकिन लोगों की बनी बनाई छवि की वजह से उन्हें ये चांस ही नहीं मिलता।
'पता नहीं क्यों, लोगों को लगता है मैं बहुत सीरियस आदमी हूं। जबकि रियल लाइफ में मैं पूरा मस्तीखोर हूं। अगर आप मेरी शूटिंग यूनिट या दोस्तों से पूछेंगे तो सब यही कहेंगे कि मैं सबसे ज्यादा जोक्स क्रैक करता हूं, सबसे ज्यादा मस्ती करता हूं। मैं तो खुद को भी कहता हूं कि मैं वो एक्टर हूं ही नहीं, जो लोग समझते हैं।'
 

किरदार नहीं, एक्टिंग से जज करो
शरद ने कहा, परदे का किरदार ही इंसान समझना बड़ी भूल है। अगर कोई नेगेटिव रोल करता है, तो लोग समझते हैं कि वो असल जिंदगी में भी वैसा ही है। लेकिन असल में हर एक्टर एक आम इंसान होता है, जिसकी अपनी फैमिली और जिम्मेदारियां होती हैं। 
एक बार विलन या पुलिस वाला बन गए, तो बस वही रोल बार-बार मिलता है। लोग उस इमेज से बाहर आने नहीं देते। सच ये है कि एक्टर की असली पहचान उसका टैलेंट है, किरदार नहीं। उसे रोल्स से नहीं, उसकी कला से जज करें।

मुझे खुद को रिपीट करना पसंद नहीं 
शरद ने ये भी बताया कि कैसे उन्होंने खुद को टाइपकास्ट होने से बचाने की कोशिश की। एक्टर ने कहा, 'एक समय ऐसा भी आया जब मुझे लगातार पुलिसवाले रोल्स मिलने लगे थे। जैसे जगदीश राज जी के बाद सबको लगता था अगला पुलिस वाला मैं ही बनूंगा। मतलब इंडस्ट्री में टाइम पास करते हुए सोचते थे कि अब ये रोल शरद को दे दो। मैंने सोच-समझकर ऐसे रोल्स कम कर दिए, ताकि मैं खुद को रिपीट न करूं।'

शरद केलकर - फोटो : एक्स-@SharadK7
डायरेक्टर्स को भी हम टाइपकास्ट कर देते हैं 
शरद का मानना है कि सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, डायरेक्टर्स भी टाइपकास्टिंग का शिकार होते हैं। 'विक्रम भट्ट को ही देख लीजिए। लोग उन्हें सिर्फ हॉरर फिल्मों के लिए जानते हैं - ‘राज़’, ‘1920’, ‘हॉन्टेड’ जैसी फिल्में उनकी पहचान बन गईं। पर वही विक्रम भट्ट ने ‘आवारा पागल दीवाना’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी भी बनाई है।
मगर इंडस्ट्री उन्हें वही हॉरर फ्रेम में देखना चाहती है। मौका मिलेगा तो हर कोई कुछ नया कर सकता है - बस नजरिया बदलने की जरूरत है।'

क्राइम मास्टर गोगो: बॉलीवुड की क्लासिक कॉमिक आइकॉन
क्राइम मास्टर गोगो का किरदार बॉलीवुड में हमेशा यादगार रहेगा। शक्ति कपूर ने इसे जो अंदाज दिया, वह आज भी लोगों के दिलों में बसता है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्टाइल इस रोल को क्लासिक बनाती है।

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शरद केलकर - फोटो : एक्स-@SharadK7
'जय भवानी जय शिवाजी' में दिखे थे
शरद हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो 'जय भवानी जय शिवाजी' में दिखे थे। यह वीडियो छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित है। वीडियो में शरद केलकर के साथ शरद मल्होत्रा और शाजी चौधरी भी नजर आए। इस गाने को कैलाश खेर ने आवाज़ दी है और अभिषेक ठाकुर ने इसे कंपोज किया है।
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