पुलकित सम्राट
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बॉक्सिंग सिर्फ ताकत नहीं, दिमाग का खेल है
पुलकित ने बॉक्सिंग के मानसिक पहलू पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘जब हम बॉक्सिंग की बात करते हैं, तो दिमाग में गुस्सा, पंच और एक-दूसरे को हराने की तस्वीर आती है। लेकिन रिंग में उतरकर समझ आता है कि यह बिल्कुल आसान नहीं है।
रिंग के अंदर यह पूरी तरह दिमाग का खेल होता है। यह शतरंज की तरह है, जहां आपको सामने वाले खिलाड़ी की बॉडी लैंग्वेज और खेलने का तरीका समझना होता है, उसकी कमजोरियां पकड़नी होती हैं। उसे गलती करने पर मजबूर करना होता है।
साथ ही सामने वाला भी आपके साथ यही कर रहा होता है। अगर आप पूरा बॉक्सिंग मैच देखें, तो समझ आएगा कि दोनों खिलाड़ी लगातार एक-दूसरे को पढ़ने की कोशिश करते रहते हैं। यह धैर्य और फोकस का खेल है।’
अभिनेता ने आगे कहा कि बॉक्सिंग ने मुझे फोकस करना सिखाया है। पहले मैं ध्यान के लिए आंखें बंद करके बैठता था, लेकिन अब मैं सीधे स्पीड बैग के पास जाता हूं और पंद्रह मिनट उसी पर लगा रहता हूं। उस समय मेरा ध्यान कहीं और नहीं जाता। इस अनुभव ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और कई बातें ऐसी हैं, जिन्हें मैं अपनी असल जिंदगी में भी अपनाता हूं।