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इंटरव्यू: ‘दृश्यम’ के गायतोंडे ने सुनाया अमिताभ से जुड़ा किस्सा, जानें 500 के नोट पर क्यों नहीं मिला ऑटोग्राफ

सार

Kamlesh Sawant Interview: 'दृश्यम' से अपनी एक अलगा पहचान बनाने वाले अभिनेता कमलेश सावंत ने अपने पुराने शूटिंग के दिनों की यादें ताजा कीं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। 
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कमलेश सावंत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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‘दृश्यम’ फ्रैंचाइजी में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभाकर कमलेश सावंत ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। अपने 35 साल के करियर में उन्होंने अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, अक्षय कुमार, अक्षय खन्ना और जॉन अब्राहम जैसे कलाकारों के साथ काम किया है। अमर उजाला से बातचीत में कमलेश ने इन कलाकारों के साथ जुड़े कुछ खास किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन ने 500 रुपये के नोट पर ऑटोग्राफ देने से इनकार क्यों किया था और अजय देवगन का व्यवहार उन्हें आज भी क्यों याद है।
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कमलेश सावंत - फोटो : Instagram @kamleshsawant
अमिताभ बच्चन ने नोट पर साइन नहीं किया
कमलेश सावंत ने हिंदी फिल्मों में ‘खाकी’ से शुरुआत की थी। इस फिल्म में उन्हें अमिताभ बच्चन, अजय देवगन और अक्षय कुमार जैसे कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन से जुड़ा एक किस्सा उन्हें आज भी याद है। वह बताते हैं, ‘हम शूटिंग कर रहे थे। अमिताभ बच्चन सर, अजय देवगन सर, अक्षय कुमार सर, ऐश्वर्या राय मैडम और दूसरे कलाकार वहां थे। लोग ऑटोग्राफ लेने आ रहे थे। एक आदमी 500 रुपये का नोट लेकर आया और बच्चन साहब से उस पर साइन करने को कहा। उन्होंने नोट पर साइन नहीं किया और वहां से चले गए। अक्षय कुमार जी को यह बात समझ नहीं आई। उन्होंने जाकर पूछा कि आपने नोट पर साइन क्यों नहीं किया? तब बच्चन साहब ने बताया कि नोट पर हमारे देश के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं। उस पर हम कैसे साइन कर सकते हैं? यह बात मेरे लिए बहुत बड़ी सीख थी। अक्षय कुमार भी हैरान रह गए थे। इतने बड़े कलाकार होने के बावजूद वह छोटी-सी बात का भी ध्यान रखते हैं।’

कमलेश सावंत - फोटो : Instagram @kamleshsawant
‘अजय देवगन को 14 साल बाद भी ‘खाकी’ का सीन याद था’
कमलेश के मुताबिक, ‘खाकी’ में उनका किरदार छोटा था, लेकिन कई साल बाद भी अजय देवगन को उनका सीन याद था। वह कहते हैं, ‘अजय देवगन सर सुपरस्टार हैं, लेकिन वह खुद मेरे पास आए। उन्हें याद था कि ‘खाकी’ में मैं ट्रैक पर दौड़ता हूं और मेरे किरदार को गोली लगती है। इतने साल बाद भी उन्हें वह सीन याद था। मैं तो खुद जाकर किसी को नहीं बताता कि मैंने आपके साथ काम किया है। लेकिन उन्होंने खुद आकर बात की। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। इससे पता चलता है कि वह अपने आसपास के लोगों को भी याद रखते हैं।’
‘दृश्यम’ की सक्सेस पार्टी में अजय देवगन ने कमलेश के वजन में आए बदलाव पर भी ध्यान दिया था। कमलेश बताते हैं, ‘पिछले साल सितंबर में मेरी मां गुजर गई थीं। उनके जाने के बाद मेरा व्यायाम बंद हो गया था। खाना-पीना भी ठीक नहीं था और मैं बहुत पतला हो गया था। सक्सेस पार्टी में अजय देवगन सर ने मुझे देखा और कहा कि कमलेश, तुम बहुत पतले हो गए हो। यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन मेरे लिए बहुत मायने रखती है। हम रोज साथ काम नहीं करते, फिर भी उन्होंने मेरे बारे में ध्यान दिया। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है।’

कमलेश सावंत - फोटो : Instagram @kamleshsawant
‘कट होते ही मैं मजाक करने लगता हूं’
कमलेश बताते हैं कि गंभीर सीन करने के बाद भी वह सेट पर माहौल हल्का कर देते हैं। अक्षय खन्ना के साथ काम करने का अनुभव साझा करते हुए वह कहते हैं, ‘अक्षय खन्ना जी के साथ बहुत अच्छा अनुभव रहा। हम कई साल बाद साथ काम कर रहे थे। सीन गंभीर था, लेकिन कट होने के बाद मैं मजाक करने लगता हूं। मैं ऐसा ही हूं। सामने वाला कलाकार पहले सोचता है कि अभी तो गंभीर सीन हुआ है और यह हंसी-मजाक करने लगा। एक बार सीन के बाद वहां मौजूद चार महिलाएं हंसने लगीं। अजय देवगन सर भी यह देख रहे थे। बाद में मुझे बताया गया कि उन्होंने अक्षय खन्ना से कहा कि कमलेश ऐसा ही है, वह सामने वाले को कुछ ही सेकंड में हंसा देता है।’
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कमलेश सावंत - फोटो : Instagram @kamleshsawant
‘नाना पाटेकर के साथ सीन करने का मौका नहीं मिला’
कमलेश सावंत के अभिनय गुरु विजय लक्ष्मण खानोलकर ने नाना पाटेकर को भी सिखाया था। इस वजह से कमलेश नाना पाटेकर से एक अलग जुड़ाव महसूस करते हैं। हालांकि, उन्हें उनके साथ किसी सीन में काम करने का मौका नहीं मिला। वह कहते हैं, ‘मेरे गुरु और नाना पाटेकर सर के गुरु एक ही थे। इसलिए उनसे एक अलग जुड़ाव महसूस होता था। मैंने उनके साथ एक फिल्म में काम किया, लेकिन साथ में सीन करने का मौका नहीं मिला। यह मेरे लिए दुर्भाग्य की बात रही। वह बहुत जिंदादिल इंसान थे। उनके सामाजिक काम भी बहुत अहम थे। हमारे इलाके में पानी की बहुत दिक्कत थी। पिछले साल ही उनकी संस्था की तरफ से वहां तालाब बनवाने का काम हुआ था। उन्होंने पानी की समस्या दूर करने में मदद की। वह सिर्फ कलाकार नहीं थे, समाज के लिए भी काम करते थे।’
 
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