फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Exclusive: ‘पहले चुप रहती थी..., अब किसी की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करती'; KKK-15 में बदलेगा अविका गौर का अंदाज

सार

Avika Gor Exclusive interview: मशहूर टेलीविजन अभिनेत्री अविका गौर जल्द ही रोहित शेट्टी के शो 'खतरों के खिलाड़ी' के 15वें सीजन में शिरकत करती दिखेंगी। इससे पहले उन्होंने हाल ही में अमर उजाला के साथ कई दिलचस्प बातें साझा कीं।
विज्ञापन
अविका गौर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

‘बालिका वधू’ की छोटी आनंदी बनकर घर-घर पहचान बनाने वाली अविका गौर अब एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ के मंच पर लौट रही हैं। लेकिन, इस बार उनकी वापसी सिर्फ एक रियलिटी शो का हिस्सा बनने के लिए नहीं है। सीजन 9 में सबसे पहले बाहर होने के बाद अविका अब अपने डर, अपनी पुरानी छवि और खुद की कमजोरियों से दोबारा भिड़ने जा रही हैं। अमर उजाला डिजिटल से बातचीत के दौरान अविका ने साफ कहा कि पहले वाली ‘सहन करने वाली’ लड़की अब बदल चुकी है। अब वह किसी की भी बदतमीजी चुपचाप सहने वालों में से नहीं हैं।

विज्ञापन

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘मेरे अंदर की बहादुर लड़की को लोगों ने कभी देखा ही नहीं’
अविका मानती हैं कि इस बार शो में सबसे बड़ा चैलेंज कोई स्टंट नहीं, बल्कि खुद को बिना किसी पर्दे के लोगों के सामने रखना है। उन्होंने कहा, ‘लोगों को ये देखना चाहिए कि उस मासूमियत के साथ मेरे अंदर एक ऐसा हिस्सा भी है जो बहादुर है और मुश्किल चीजों से डरता नहीं है। मैं चुनौतियों से पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। मुझे लगता है कि लोगों ने हमेशा मेरा सिर्फ एक ही रूप देखा है। लेकिन अब शायद वो समझ पाएंगे कि मैं मेंटली कितनी मजबूत हूं और मुश्किल हालात को संभाल सकती हूं।’ 

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘मैं हमेशा सोच-समझकर बोलती थी… अब वो रोक हटानी है’
इस बार अविका को सबसे ज्यादा डर ऊंचाई या खतरनाक एक्शन से नहीं...बल्कि उन चीजों से लग रहा है जिनका नाम सुनकर भी वह असहज हो जाती हैं। ‘मुझे लगता है सबसे ज्यादा तनाव खुद को एक बिल्कुल अलग माहौल में साबित करने का है। रियलिटी शो मेरा जोन कभी नहीं रहे। मैं हमेशा बहुत सावधान रही हूं कि मुझे क्या बोलना चाहिए, कैसे रिएक्ट करना चाहिए ...मेरी छवि कैसी दिखनी चाहिए। मैं हर चीज बहुत सोच-समझकर बोलती हूं। लेकिन रियलिटी शो में आप हर वक्त खुद को रोक नहीं सकते। मुझे लगता है कि उस रोक को हटाना किसी भी स्टंट से ज्यादा मुश्किल है। शायद पहली बार लोग मुझे बिल्कुल असली रूप में देखेंगे।’

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘कॉकरोच और चींटियां देखकर मेरी हालत खराब हो जाती है’
जब बात डर की आई तो अविका ने काफी खुलकर जवाब दिया। ‘बचपन का नहीं, लेकिन पिछले सीजन से मुझे चींटियों, कॉकरोच और ऐसी डरावनी रेंगने वाली चीजों से बहुत डर लगता है। सच कहूं तो डर से ज्यादा मुझे उनसे घिन आती है। मैं उन्हें देखकर अनकंफर्टेबल हो जाती हूं। और अब मुझे लग रहा है कि मैंने ये बोलकर गलती कर दी, क्योंकि अब जाहिर है मुझे वही सब करने को मिलेगा। इसलिए अब मुझे मानसिक रूप से तैयार रहना होगा कि ये सब होने वाला है।’
 

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘21 साल की उम्र में मैं बहुत नासमझ थी’
अविका मानती हैं कि इस बार लोग उनका ऐसा रूप देखने वाले हैं, जिसे उन्होंने वर्षों तक सबसे छिपाकर रखा। ‘मैं खुद को बहुत ज्यादा कॉम्पिटिटिव  नहीं कहूंगी। ऐसा नहीं है कि मैं प्रतियोगिता के बिना नहीं रह सकती। मुझे मस्ती करना पसंद है। लेकिन अगर मैं किसी प्रतियोगिता का हिस्सा हूं, तो मैं उसे हल्के में भी नहीं लूंगी। मैं पूरी ईमानदारी के साथ मुकाबला करूंगी।

मुझे लगता है कि रोहित शेट्टी मेरा बदलाव देखकर हैरान होंगे। क्योंकि जब मैं सीजन 9 में 21 साल की उम्र में गई थी, तब मैं बहुत नासमझ थी। मैं बेवकूफ थी, खुद को लेकर असमंजस में थी और काफी मोटी भी थी… लेकिन अब मैं बहुत अलग हूं। अब मैं खुद को ज्यादा समझती हूं।’

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘अब लोग जानेंगे कि मेरे दिमाग में सच में क्या चलता है’
शो में जाने से पहले उनके घरवाले भी काफी तनाव में हैं। वजह सिर्फ स्टंट्स नहीं, बल्कि अविका का बदला हुआ स्वभाव भी है। ‘मुझे लगता है लोग मेरे असली और बेबाक रूप के लिए बिल्कुल तैयार नहीं हैं। मैंने हमेशा अपने उस रूप को बहुत छिपाकर रखा है। मैं कई चीजें बोलना चाहती थी लेकिन खुद को रोक लेती थी। लेकिन अब मुझे लगता है कि लोगों को ठीक वैसे ही देखना चाहिए कि मेरे दिमाग में क्या चलता है, मैं हालात को कैसे देखती हूं और असल में मैं कैसी हूं।’
विज्ञापन

अविका गौर - फोटो : इंस्टाग्राम
‘पहले मैं बहुत सहन कर लेती थी… अब बिल्कुल नहीं’
‘सब लोग एलर्जी और शरीर पर होने वाले रिएक्शन को लेकर बहुत ज्यादा परेशान हैं। वो नहीं चाहते कि पिछली बार जैसा अनुभव दोबारा हो। लेकिन मुझे लगता है कि मेरे माता-पिता इस बात से ज्यादा डरते हैं कि अगर किसी ने गलत व्यवहार किया तो मैं कैसे प्रतिक्रिया दूंगी, क्योंकि पहले मैं बहुत सहन कर लेती थी। मैं बहुत चीजें नजरअंदाज कर देती थी। लेकिन अब मैं किसी की भी बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करती। अगर कुछ गलत लगे तो मैं चुप नहीं रह पाती।’
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें