अर्जुन रामपाल ने किया था हाईकोर्ट का रुख
न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की अवकाश पीठ ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश कानून के विपरीत था और बिना सोचे-समझे पारित किया गया था। आयकर अधिनियम की धारा 276सी (2) के तहत अपराध के लिए आई-टी विभाग द्वारा शुरू किए गए 2019 के एक मामले में अर्जुन रामपाल के खिलाफ एक मजिस्ट्रेट अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया। अर्जुन ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 9 अप्रैल को अपने खिलाफ पारित इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
अर्जुन रामपाल ने पेश किया था आवेदन
जिस धारा में अर्जुन रामपाल के खिलाफ मामला है, यह धारा ऐसे व्यक्ति से संबंधित है, जो जानबूझकर टैक्स, जुर्माना या ब्याज के भुगतान से बचने का प्रयास करता है। अभिनेता की याचिका के अनुसार, उनके वकील ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी से छूट के लिए आवेदन पेश किया था। हालांकि, अदालत ने इसे खारिज कर दिया और अर्जुन रामपाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
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हाईकोर्ट ने कहा- 'मजिस्ट्रेट अदालत ने विचार नहीं किया'
आदेश में न्यायमूर्ति सेठना ने कहा कि जिस अपराध के लिए अभिनेता अर्जुन रामपाल को आरोपी बनाया गया है, उसके लिए अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है और यह जमानती अपराध है। हाईकोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत ने इस पर विचार नहीं किया। हाईकोर्ट ने कहा कि जमानती अपराध में अभिनेता के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश 'यांत्रिक रूप से' पारित कर दिया।