बरसी की जगह फैंस मना रहे दिवस
आगे अपनी बातचीत में गरिमा गर्ग ने कहा, ‘उनके फैंस ने उन्हें अपने दिल में बसा रखा है और उनकी विचारधारा, उनकी सोच को उसी तरह आगे बढ़ा रहे हैं। यही तो हम सब चाहते हैं। यही सबका सपना है। इसलिए असम के लोग जुबीन गर्ग का अंतिम संस्कार नहीं मना रहे हैं। वे जुबीन दिवस मना रहे हैं। जुबीन तो सिर्फ उत्सव के लिए हैं। जुबीन हमेशा रचनात्मकता की बात करते थे। वे हमेशा सकारात्मकता की बात करते थे।’
दिवंगत जुबीन गर्ग, गरिमा गर्ग
- फोटो : सोशल मीडिया
जुबिन की मुश्किलों के बारे में बताया
दिवंगत सिंगर जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा गर्ग ने अपने इंटरव्यू में कहा, ‘जीवन में उन्होंने चाहे जिस भी परिस्थिति का सामना किया हो, चाहे दुख हो, अवसाद हो, या कुछ भी, उन्होंने अपनी आंतरिक शक्ति को कला में बदल दिया। वे अक्सर कहते थे कि शक्ति, ऊर्जा कभी नष्ट नहीं होती। यह केवल अपना रंग, अपना रूप बदलती है। और यही शक्ति अब हमारे भीतर विशाल रूप में ज़ुबीन के रूप में मौजूद है। वे हम सब में समाए हुए हैं। हमारे साथ जुबीन के हजारों-लाखों प्रशंसक जुड़े हुए हैं।’
कैसे हुई की जुबीन गर्ग की मौत?
- जुबीन गर्ग का 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था।
- 52 वर्ष की आयु में उनके दुनिया छोड़ जाने से फैंस काफी सदमे में थे।
- उनकी मौत की असली वजह जानने के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया गया।
- इस दौरान मौत से संबंधित सभी परिस्थितियों और साक्ष्यों की जांच की गई थी।
- हालांकि अंत में कहा गया कि यह एक आकस्मिक घटना थी।