राम गोपाल वर्मा के साथ रहते हुए ‘जंगल’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्में लिखकर लाइमलाइट में आए जयदीप साहनी ने इसके बाद ‘बंटी और बबली’, ‘खोसला का घोसला’ और ‘चक दे इंडिया’ लिखकर लगातार चार कामयाब फिल्में लिखने का रिकॉर्ड बनाया। जयदीप की नई पारी अब यशराज फिल्म्स की डिजिटल शाखा वाईआरएफ एंटरटेनमेंट के साथ शुरू होने वाली है और चर्चा है कि अब वह सिर्फ इसी ओटीटी के लिए काम करेंगे।
बड़े परदे पर माधुरी दीक्षित की कमबैक फिल्म ‘आजा नचले’ भी जयदीप साहनी ने ही लिखी। साल 2007 में ये फिल्म फ्लॉप होने के बाद से जयदीप साहनी लो प्रोफाइल में चल रहे हैं। इसके दो साल बाद रणबीर कपूर के लिए लिखी उनकी फिल्म ‘रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर’ भी नहीं चली। और सुशांत सिंह राजपूत, परिणीति चोपड़ा व वाणी कपूर के साथ बनी फिल्म ‘शुद्ध देसी रोमांस’ के बाद से बतौर फिल्म लेखक उनका कोई नया काम सामने नहीं आया है। हां, इस बीच वह गाने तमाम फिल्मों के जरूर लिखते रहे।
बतौर गीतकार जयदीप की आखिरी फिल्म हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘83’ रही। इसके तीन साल पहले फिल्म ‘अंधाधुन’ और ‘हिचकी’ में भी जयदीप के गाने सुनाई दिए थे। आदित्य चोपड़ा की बतौर निर्देशक पिछली फिल्म ‘बेफिकरे’ के गाने भी जयदीप के नाम हैं। जयदीप साहनी लंबे अरसे से सिनेमा और ओटीटी के बदले स्वरूप के साथ संगत बिठाने की जुगत करते रहे हैं। यशराज फिल्म्स से उनका नाता काफी पुराना है और कंपनी के प्रबंध निदेशक आदित्य चोपड़ा उनका सम्मान भी काफी करते हैं। जयदीप ओटीटी के लिए कुछ नया करना चाहते हैं और आदित्य चोपड़ा अपनी पहली ओटीटी सीरीज ‘द रेलवे मेन’ का एलान कर ही चुके हैं।