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एक्टर राजकुमार राव को 'जिहाद' क्यों लगता है पवित्र? निभाने वाले हैं आतंकवादी का किरदार

Tue, 17 Apr 2018 06:06 AM IST
बीबीसी हिंदी
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अपने अभिनय से मुंबइया फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले राजकुमार का कहना है कि जिहाद की परिभाषा "कुरान-ए-पाक" में बहुत पवित्र है, लेकिन लोगों ने सुविधा के हिसाब से उसे तोड़-मरोड़ दिया है।

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बीबीसी हिंदी से बातचीत में राजकुमार राव ने कहा, "क़ुरान-ए-पाक में जिहाद पवित्र है जो हिंसा की बात नहीं करता है। हालांकि अब सुविधा के हिसाब से एक नई परिभाषा दे दी है ताकि लोगों का ब्रेनवॉश किया जा सके।

राजकुमार राव अपनी आगामी फिल्म "ओमेर्टा" में कुख़्यात आतंकवादी अहमद ओमर सईद शेख का किरदार निभा रहे है। फिल्म के किरदार में ढलने के लिए उन्होंने कई डॉक्युमेंट्रीज देखीं और नफरत से भरे भाषण सुने।
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तब राजकुमार ने महसूस किया कि किस तरह से युवाओं के सीधे-सादे दिमाग में नफरत भरी जाती है। राजकुमार राव का मानना है कि कुछ लोग इसका फायदा उठाकर गलत काम करवाते हैं। राजकुमार ने कहा, "जो सीरिया में हो रहा है वो बहुत ही परेशान करने वाली घटना है। उस समय 1993-1994 में बोस्निया में ऐसा ही हो रहा था, जो बहुत ही दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण था। दुनिया की ये कड़वी सच्चाई है जो हमारे आस-पास हो रहा है।''
 

फिल्म किसी संप्रदाय पर नहीं?

राजकुमार का कहना है कि फिल्म "ओमेर्टा" दुनिया में हो रही गलत चीजों का आईना है। इसमें बताया गया है कि एक बुद्धिमान लड़का दुनिया में अच्छे बदलाव ला सकता था, लेकिन उसने ऐसा खतरनाक रास्ता चुना कि एक ख़ौफनाक आतंकवादी बन गया। हालांकि राजकुमार राव ने साफ किया कि ये फिल्म किसी संप्रदाय पर नहीं है।

वो कहते हैं, "हमने कभी नहीं सोचा कि हम एक मुस्लिम लड़के को आतंकवादी बनने की कहानी बता रहे हैं। हम उसके धर्म पर जोर नहीं दे रहे हैं बल्कि उसकी मनोस्थिति, परिस्थिति और उसकी प्रतिक्रिया के बारे में बता रहे हैं।

ये फिल्म कभी किसी कम्युनिटी के बारे में नहीं थी।" शाहिद, न्यूटन, बरेली की बर्फी जैसी फिल्मों से सफलता प्राप्त करने वाले राजकुमार राव को अक्सर स्वतंत्र फिल्मों से जोड़ा जाता था। हालांकि राजकुमार का कहना है कि अब उनके साथ किसी तरह का टैग नहीं है।

इस साल राजकुमार राव कंगना रनौत के साथ फिल्म "मेन्टल है क्या" के साथ-साथ मल्टी स्टारर फिल्म 'फन्ने खान' में अनिल कपूर और ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ भी नजर आएंगे। हंसल मेहता द्वारा निर्देशित फिल्म "ओमेर्टा" 20 अप्रैल को रिलीज होगी। हालांकि टोरंटो इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था। जहां फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
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ओमेर्टा... मतलब क्या है इसका?

ये खामोशी और सम्मान का कोड है। 'ओमेर्टा' इटैलियन शब्द है। इसका इस्तेमाल अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए किया जाता है। ये एक-दूसरे के लिए वफादार रहने का कोड है। इसके तहत वादा लिया जाता है कि वे एक-दूसरे के गुनाह के बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताएंगे।
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