राजकुमार का कहना है कि फिल्म "ओमेर्टा" दुनिया में हो रही गलत चीजों का आईना है। इसमें बताया गया है कि एक बुद्धिमान लड़का दुनिया में अच्छे बदलाव ला सकता था, लेकिन उसने ऐसा खतरनाक रास्ता चुना कि एक ख़ौफनाक आतंकवादी बन गया। हालांकि राजकुमार राव ने साफ किया कि ये फिल्म किसी संप्रदाय पर नहीं है।
वो कहते हैं, "हमने कभी नहीं सोचा कि हम एक मुस्लिम लड़के को आतंकवादी बनने की कहानी बता रहे हैं। हम उसके धर्म पर जोर नहीं दे रहे हैं बल्कि उसकी मनोस्थिति, परिस्थिति और उसकी प्रतिक्रिया के बारे में बता रहे हैं।
ये फिल्म कभी किसी कम्युनिटी के बारे में नहीं थी।" शाहिद, न्यूटन, बरेली की बर्फी जैसी फिल्मों से सफलता प्राप्त करने वाले राजकुमार राव को अक्सर स्वतंत्र फिल्मों से जोड़ा जाता था। हालांकि राजकुमार का कहना है कि अब उनके साथ किसी तरह का टैग नहीं है।
इस साल राजकुमार राव कंगना रनौत के साथ फिल्म "मेन्टल है क्या" के साथ-साथ मल्टी स्टारर फिल्म 'फन्ने खान' में अनिल कपूर और ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ भी नजर आएंगे। हंसल मेहता द्वारा निर्देशित फिल्म "ओमेर्टा" 20 अप्रैल को रिलीज होगी। हालांकि टोरंटो इंटरनैशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था। जहां फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
ये खामोशी और सम्मान का कोड है। 'ओमेर्टा' इटैलियन शब्द है। इसका इस्तेमाल अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए किया जाता है। ये एक-दूसरे के लिए वफादार रहने का कोड है। इसके तहत वादा लिया जाता है कि वे एक-दूसरे के गुनाह के बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताएंगे।