मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1970 और 80 के दशक में खिला नंद झा ने बिहार में एक सामाजिक क्रांति की अलख जगाने का काम किया था। उन्होंने समाज के खिलाफ जाकर एक दलित लड़की से शादी कर ली थी। उन्हें अपनी पसंद की लड़की से शादी करने पर उत्पीड़न और तानों का सामना करना पड़ा। इसके चलते उन्होंने काफी संघर्ष किया। वह भूख हड़ताल पर बैठे। यहां तक कि उन्होंने संसद तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन अब पत्नी की मौत ने उन्हें तोड़ दिया है।
खिला नंद झा ने बताया कि उनकी 62 वर्षीय पत्नी मिनोती की लकवा की वजह से मौत गई गई। पत्नी के इलाज में काफी खर्च आया। जिसके चलते उन्हें कर्ज लेना पड़ा। उनके ऊपर करीब 12 लाख रुपए का कर्जा है। वह अपने छोटे बेटे पवन कुमार के साथ मुंबई में रहते हैं। उन्हें आस है कि कोई ऐसा व्यक्ति उन्हें मिले जो उनके कर्ज चुकाने में मदद कर सके।