‘दिल भी मेरा हम भी तेरे’ से किया था डेब्यू
धर्मेंद्र ने मां से जुड़ा एक अन्य किस्सा सुनाते हुए कहा था, 'हम छह भाई-बहन थे। तीन भाई, तीन बहनें। मुझसे बड़ा भाई संतोष था, जो दो साल की उम्र में गुजर गया। मैं पैदा हुआ और मां ननिहाल गईं तो मेरे नामा से कहने लगीं, बाऊजी संतोष ज्यादा खूबसूरत था। ये उतना खूबसूरत नहीं है'। बता दें कि धर्मेंद्र का पूरा नाम धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल था। पिता का नाम केवल कृष्ण और मां सतवंत कौर था। धर्मेंद्र का शुरुआती जीवन सानेहवाल गांव में ही गुजरा, सरकारी स्कूल से पढ़ाई-लिखाई हुई थी। इसी स्कूल के हेडमास्टर उनके पिता थे। धर्मेंद्र ने पंजाब यूनिवर्सिटी से अपनी हायर एजुकेशन पूरी की थी। फिल्मफेयर मैगजीन ने एक न्यू टैलेंट कॉम्पिटिशन करवाया जिसके विजेता धर्मेंद्र बने थे। इसके बाद अभिनय करने की चाहत लिए वह मुंबई चले आए थे। 1960 में फिल्म ‘दिल भी मेरा हम भी तेरे’ से धर्मेंद्र ने डेब्यू किया था। अपने करियर में उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी फिल्म 'इक्कीस' है, जो 25 दिसंबर, 2025 को रिलीज होगी।
ही-मैन ने कहा था, 'काश पिता मेरे दोस्त होते'
धर्मेंद्र ने एक बार संतान और माता-पिता के रिश्ते पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि काश मेरे पिता मेरे दोस्त भी होते। एक्टर ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'सनी-बॉबी मुझसे ऐसे ही डरते हैं। मैं चाहता हूं मेरे पास बैठें। मैं सोचता हूं कि मेरे बाऊजी मेरे दोस्त भी होते तो कितना अच्छा होता है। वो कहते थे, 'तुम जल्दी आ जाया करो शूटिंग से मेरे पास थोड़ी देर बैठ जाया करो'। फिर मैं गले से लगाकर निकल जाया करता था। इस तरह कि वो लाड़ हमें भी लड़ा दो जो हमने किया है। हमारे अंदर भी एक बच्चा है। आज मुझे भी महसूस होता है वह हर मा-बाप के दिल में होता है, लेकिन हम अपना वो दर्द भी उन्हें नहीं देते'।