संजय लीला भंसाली, सलमान खान और आदित्य चोपड़ा
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आदित्य चोपड़ा-संजय लीला भंसाली सलमान के नाम पर फिल्में नहीं बनाते
विवेक वासवानी ने आगे कहा कि कुछ फिल्म निर्माताओं के साथ, सलमान पूरी तरह से कंट्रोल में रहते हैं। जैसे आदित्य चोपड़ा, संजय लीला भंसाली, सूरज बड़जात्या। ये ऐसे निर्माता हैं, जो सिर्फ सलमान के नाम पर फिल्में नहीं बनाते।
उन्हें उतना ही सम्मान मिलता है क्योंकि वे बहुत बड़े बैनर हैं। वे किसी भी तरह के हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देते। उन्हें सलमान अभिनेता के रूप में चाहिए, न कि सलमान स्टार के रूप में। मेरा भी ये मानना है कि अगर आप कुछ बदलना चाहते हैं, तो डायरेक्टर के साथ बैठिए, अपने डायलॉग बदलिए, अपना कॉस्ट्यूम बदलिए, यह ठीक है। हस्तक्षेप करना ठीक है। लेकिन अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं है।
डिस्कशन में हिस्सा लेते थे सलमान, बदलाव के देते थे सुझाव
‘पत्थर के फूल’ को याद करते हुए विवेक ने कहा कि सलमान के पिता सलीम खान वहां मौजूद थे। उन्होंने ही स्क्रिप्ट लिखी थी। हालांकि, सलमान ने कुछ बदलाव बताए थे, लेकिन लेखक का फैसला आखिरी होता है। वह कहते थे, ‘क्या हम इसे इस तरह कर सकते हैं?’ और ये सुझाव बुरे नहीं होते थे।
लेकिन जब सलीम-जावेद लिख रहे थे, तो मैंने सुना था कि वे एक शब्द भी बदलने की अनुमति नहीं देते थे। आपको एक दिग्गज के कद का सम्मान करना पड़ता है। इसीलिए वो फिल्में सफल हुईं। हालांकि, बातचीत के दौरान के जब आप उनके साथ किसी सीन पर पर बैठते थे, तो वह सोचते थे।