कमल हसन की फिल्म 'विश्वरूपम' से संकट के बादल छटते नजर नहीं आ रहे हैं। पहले एक बार टल चुकी यह फिल्म फिर से दो हफ्तों के लिए टल गयी है। इस बार इसकी वजह तमिलनाडु सरकार बनी है। तमिलनाडु सरकार ने फिल्म पर दो सप्ताह की रोक लगा दी है। इसके पीछे की वजहें राजनीतिक हैं।
बताया जा रहा है कि फिल्म में ऐसे कुछ दृश्य हैं जिनकी वजहों से राज्य में दंगा फैल सकता है। बुधवार देर रात को तमिलनाडु सरकार ने आदेश दिया कि फिल्म को रिलीज नहीं किया जायेगा क्योंकि फिल्म में कुछ ऐसा है जो कि राज्य में दंगे की शक्ल दे सकता है।
सरकार के इस फैसले के विरोध में कमल हसन ने फिल्म पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ मद्रास
हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कमल हासन ने एक बयान में कहा है कि अपना
राजनीतिक कद बढ़ाने की फिराक में लगे छोटे संगठनो की यह एक घटिया साजिश है। जब आप स्वयं से कुछ हासिल नहीं कर
पाते, तब स्वयं को लोगों की नजर में लाने के लिए किसी हस्ती को निशाना बनाने लगते हैं। यह बार-बार हो रहा है। कोई भी तटस्थ एवं
देशभक्त मुसलमान मेरी फिल्म को देखकर गर्व महसूस करेगा।
मालूम हो कि सरकार ने यह कदम मुस्लिम संगठनों की उस अपील पर लगाया है जिसमें कहा गया है कि कमल हसन की फिल्म 'विश्वरूपम' में मुस्लिम समुदाय को देश के खिलाफ दिखाया गया है जो कि स्वीकार नहीं किया जा सकता है। फिल्म में मौजूद साम्प्रदायिक मुद्दों को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम संगठनों की ओर से पहले ही यह मांग की गई थी कि यह फिल्म प्रदर्शन से पहले उन्हें दिखाई जाए। उनकी मांग को पूरा करते हुए फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गयी थी। जिसके बाद से फिल्म के विरोध में स्वर आने लगे।
वहीं फिल्म के निर्माता-निर्देशक कमल हासन ने कहा है कि उनकी फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है। कुछ लोग मेरी फिल्म का बिजनेस और साख खराब करने के मद्देनजर यह बात कह रहे हैं। मेरी फिल्म मनोरंजन के लिए है ना कि दंगा फैलाने के लिए। ऐसा दूसरी बार हुआ जब 'विश्वरूपम' रिलीज के एक दिन पहले टल गयी। पहले यह फिल्म आठ जनवरी को रिलीज होनी थी। वितरकों से विवाद के चलते तब यह फिल्म 25 जनवरी के लिए पोस्टपोन कर दी गयी थी।