फिल्ममेकिंग के कठिन दौर में हैं
विशाल के मुताबिक, ‘हम फिल्ममेकिंग के एक अजीब और कठिन दौर में हैं। यह सिर्फ भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हो रहा है।’ उनका कहना है कि अब थिएटर के लिए बनने वाली फिल्मों का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले थिएटर में रिलीज के बाद फिल्म टीवी या दूसरे प्लेटफॉर्म पर आने में करीब 5–6 महीने लगते थे, लेकिन अब कई फिल्में सिर्फ 8 हफ्तों में ही ओटीटी पर आ जाती हैं। ऐसे में दर्शक अक्सर थिएटर जाने के बजाय इंतजार करना पसंद करते हैं।
‘क्रांतिकारी कदम’ की जरूरत
विशाल भारद्वाज का मानना है कि इस स्थिति से निकलने के लिए किसी ‘क्रांतिकारी कदम’ की जरूरत है। हालांकि यह बदलाव किसी फिल्म से आएगा या किसी नए माध्यम से, यह अभी साफ नहीं है।
बता दें, विशाल भारद्वाज ने हाल ही में ‘ओ रोमियो’ फिल्म का निर्देशन किया था। इसमें शाहिद कपूर, तृप्ति डिमरी और अविनाश तिवारी अहम रोल में नजर आए थे।