बहुमुखी प्रतिभा के धनी मशहूर बंगाली फिल्म अभिनेता स्वरूप दत्ता ने बुधवार को कोलकाता के सिटी अस्पताल में आखिरी सांसें लीं। दत्ता के परिवार वालों ने बताया कि वो कुछ समय से बीमार चल रहे थे। शनिवार को अचानक बेहोश हो जाने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनका निधन हो गया।
अभिनेता स्वरूप दत्ता के परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटा है। 1960-70 के दशक में बंगाली फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले स्वरूप दत्ता के बेटे शरण दत्ता भी अभिनेता हैं। दत्ता के निधन के बाद उनका परिवार और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री शोक में है।
स्वरूप दत्ता को 1968 में फिल्म निर्माता तपन सिन्हा की फिल्म 'अपंजन' से उनके करियर का पहला ब्रेक मिला था। उनकी फिल्म 1960 के दशक में पश्चिम बंगाल में चल रही राजनीतिक अस्थिरता पर आधारित थी। इसके बाद उन्होंने 'सगीना महतो'(Sagina Mahato), 'हारमोनियम'(Harmonium), 'पिता-पुत्र'(Pita-Putra) और 'मां ओ मेये'(Maa o Meye) जैसी फिल्मों में अभिनय कर के खूब नाम कमाया।
स्वरूप दत्ता के निधन की खबर मिलते ही एक्टर सुदिप्ता चक्रवर्ती ने ट्वीट कर के कहा कि वो उन महान हस्तियों में से एक हैं जिन्होंने बंगाली सिनेमा के स्वर्णिम काल में काम किया है। इनके जाने से बंगाली सिनेमा जगत दुखी है।