वशिष्ठ नारायण सिंह की बायोपिक टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मशहूर निर्माता निर्देशक प्रकाश झा के हाथ से फिसली गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह की बायोपिक अब निर्देशक नीरज पाठक की झोली में गिरी है। प्रकाश झा ने पिछले साल ये बायोपिक बनाने का ऐलान किया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के चलते उन्हें ये फिल्म बंद करनी पड़ी। अब निर्माता रितेश सिधवानी और अभिनेता फरहान अख्तर ने मिलकर इस फिल्म के अधिकार खरीद लिए हैं और इसका ऐलान सोमवार को पटना में एक प्रेस कांफ्रेस में भी कर दिया।
निर्देशक नीरज पाठक इस बारे में कहते हैं, 'वशिष्ठ नारायण सिंह जी के बारे में जब मैंने पढ़ा और सुना तो मैं उनसे मिलने और उनके बारे में अधिक से अधिक जानना चाहता था। जब मैं उनसे पहले बार मिला तो उन्होंने सबसे पहले मुझसे खाने के बारे में ही पूछा। उन्हें तब भी होश नहीं था। मैं उनके घरवालों से भी मिल चुका हूं और मुझे याद है कि पहली बार जब उनके घर गया था तो मुझे घर की दीवारों में गणित के तमाम सूत्र लिखे दिखे थे। तभी मुझे लगा था कि वशिष्ठ नारायण जी की अद्भुत कहानी दुनिया के सामने कहनी चाहिए।'
नीरज को इस बात का बहुत दुख है कि ये फिल्म वह वशिष्ठ नारायण के जीते जी शुरू नहीं कर पाए। वह कहते हैं, 'मुझे बेहद दुख है कि ये फिल्म हम उनके निधन के बाद शुरू कर पा रहे हैं। मेरी बड़ी इच्छा थी कि ये फिल्म वह देख पाते। उनका जीवन बेहद उतार चढ़ाव भरा रहा और हर कोई उनकी अनकही कहानी जानना चाहता है। हमने इस बारे में उनके परिवार से पूरी बात कर ली है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही फिल्म की बाकी कास्ट का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।'
पटना में हुई इस विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के निर्देशक नीरज पाठक के साथ वशिष्ठ नारायण सिंह के परिवार से हरिश्चंद्र सिंह, मुकेश सिंह, शिव मंगल, राकेश सिंह और मिथिलेश सिंह शामिल हुए। गौरतलब है कि महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह अपने गणितीय सूत्रों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ही पहली बार आइंस्टीन की 'थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी' को चुनौती दी थी। वशिष्ठ नारायण को किताबें पढ़ने का बेहद शौक था और वह अपना अधिकतम समय पढ़ने में गुज़ारते थे। हाल ही में लंबी बीमारी के बाद 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।