हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार चित्रगुप्त की जन्मशती के मौके पर आज मुंबई के एक चौक का नाम उनके नाम पर रखा गया। संगीतकार जोड़ी आनंद - मिलिंद के पिता चित्रगुप्त के नाम पर जिस चौक का नामकरण किया गया, वह खार में एक मशहूर ज्वैलरी शोरूम के पास है। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने इस मौके पर बताया कि चित्रगुप्त का मायने हिंदी सिनेमा के संगीत में क्या है और कैसे उन्होने हिंदी सिनेमा संगीत की जड़ों को मजबूत किया।
बिहार में जन्मे चित्रगुप्त ने अपने 50 साल से भी लंबे अपने करियर में करीब 150 फिल्मों में संगीत दिया। फिल्म काली टोपी लाल रूमाल का गाना लागी छूटे ना अब तो सनम, उनका सबसे सुपरहिट गाना माना जाता है। लता मंगेशकर अपने शुरूआती करियर के लिए चित्रगुप्त का नाम बहुत सम्मान से लेती रही हैं।