केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 के समय में सबसे बड़े माध्यमों में से एक के रूप में उभरे ओटीटी ने भौगोलिक बाधाओं को दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि ओटीटी में सीमा के गायब होने के साथ, दुनिया भर के कंटेंट को पूरे विश्व के दर्शकों द्वारा स्वीकार किए जाने की संभावना बढ़ गई है। इसके लिए उन्होंने कोरियाई कंटेंट का उदाहरण दिया।
पुरस्कार समारोह में पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री
उन्होंने शनिवार रात कोलकाता में एक पुरस्कार कार्यक्रम में कहा कि सॉफ्ट पावर की कोई सीमा नहीं होती है। कोविड-ट्रिगर लॉकडाउन ने ओटीटी प्लेटफॉर्म के उभरने को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर साउथ की फिल्में पूरे भारत में पसंद की जा सकती हैं और कोरियन सिनेमा व कंटेंट विश्व भर में देखा जा सकता है तो बांग्ला का सिनेमा भी ओटीटी पर विश्व भर में पसंद किया जा सकता है। इसमें बहुत ही क्षमता है। बांग्ला की मिट्टी में बहुत बड़े साहित्यकार, कलाकार, निर्देशक पैदा हुए हैं।
'टीवी की तुलना मोबाइल पर ज्यादा देखा गया आईपीएल'
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में मोबाइल फोन पर आईपीएल मैच देखने वालों की संख्या टीवी पर देखने वालों की संख्या से कहीं अधिक है। यह पुष्टि करता है कि कैसे स्ट्रीमिंग सामग्री टीवी जैसे अन्य माध्यमों की तुलना में अधिक देखी जा रही है।
'भारतीय कंटेंट को पसंद कर रहे दुनियाभर के लोग'
भारतीय कंटेंट को मनोरंजन के क्षेत्र में अधिक पहचान मिलने के बारे में उन्होंने कहा कि फिल्म आरआरआर के गीत 'नाटू नाटू और द एलिफेंट व्हिस्परर्स की डॉक्यूमेंट्री दोनों को अकादमी पुरस्कार 2023 मिला है। यह कला और मनोरंजन के क्षेत्र में आपके योगदान की पहचान है। दुनियाभर में भारतीय कंटेंट को पसंद किया जा रहा है।
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