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अपने को कुछ यूं बदल रहे हैं तुषार कपूर

Sat, 29 Jun 2013 05:30 PM IST
प्रतिमा पांडेय
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कुछ समय पहले आई फिल्म `गोलमाल' में वे लकी थे और आने वाली फिल्म `बजाते रहो' में वे सुक्खी हैं। बात हो रही है कॉमेडी में गूंगेपन का एक अलग ही कल्ट क्रिएट कर देने वाले तुषार कपूर की।
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तुषार ने जितने भी किरदार निभाए हैं, उसमें उनके कॉमेडी किरदार प्रमुख रहे हैं। वे इतने पॉपुलर हुए हैं कि उस किरदार के नाम लोगों की जुबान पर चढ़ गए हैं। `गोलमाल' फिल्म सीरीज में गूंगे लकी का किरदार इनमें से एक है, जो इशारों-इशारों में गालियों से लेकर तारीफ के पुल तक, न जाने क्या-क्या सुना जाता है।

अब तुषार कपूर की फिल्म `बजाते रहो' आ रही है, जिसमें वे दिल्ली के मिडिल क्लास के लड़के की संजीदा भूमिका में है, जिसका नाम है सुक्खी। उस पर फिल्म का टाइटिल! आखिर कौन किसकी बैंड बजा रहा है फिल्म में?
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तुषार बताते हैं, `दरअसल टाइटिल से हमने फिल्म के जॉनर को बताने की कोशिश की है। यह फिल्म फनी है, कॉमेडी है, लेकिन ऊटपटांग कॉमेडी नहीं है। इसमें एक लक्ष्य है, एक उद्देश्य है, जिसको लेकर फिल्म आगे बढ़ती है और मेरे किरदार का नाम है सुक्खी।

यह किरदार दरअसल दिल ही दिल में गुस्सा दबाए है, लेकिन मेच्योरिटी से काम लेता है। वह खुशमिजाज भी है। वह उलझा हुआ है, लेकिन सुलझा हुआ है। मैंने ऐसा किरदार पहली बार किया है और आशा करता हूं कि लोगों को पसंद आएगा।' पसंद तो आएगा ही, क्योंकि तुषार ने इस किरदार के लिए खासी मेहनत भी की है।

इस बार दिल्ली के लड़के का किरदार

चूंकि तुषार को दिल्ली के मिडिल क्लास लड़के की भूमिका निभानी थी, इसलिए गेटअप तो दिल्ली वाला किया ही, साथ ही अपनी भाषा पर खासा काम किया है। उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक इलाके की बोलचाल वाली भाषा सीखने के लिए काफी पंजाबी  फिल्में देख डालीं।

फिल्म और दिल्ली के कनेक्शन पर कहते हैं, `फिल्म के नाते दिल्ली से मेरा ताल्लुक 12-13 साल बाद हुआ है। मेरी डेब्यू फिल्म `मुझे कुछ कहना है' की शूटिंग दिल्ली में हुई थी और अब इतने सालों बाद `बजाते रहो' मेरी दूसरी फिल्म है, जो दिल्ली बेस्ड कहानी पर है।' कुछ समय पहले ही तुषार की फिल्म `शूटआउट ऐट वडाला' आई थी, जिसमें तुषार एक्शन अवतार में थे। अब संजीदा अवतार में हैं।

तो अगला किरदार रोमांटिक फिल्मों का होगा? तुषार कहते हैं, `मैं प्लान करके कुछ नहीं करता। खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि अलग-अलग किरदार करने का मौका मिल रहा है। मुझे खास प्लानिंग की जरूरत नहीं पड़ी। फिलहाल तो मैं `बजाते रहो' पर ही फोकस कर रहा हूं।'
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