मुंबई की असम में जन्मी अभिनेत्री रय्या लबीब, जो कि तुर्किये ईरानी मूल की हैं। उन्होंने आज एक बयान जारी किया है, उन्होंने तुर्किये और सीरिया में लोगों की मौत को लेकर दुख जाहिर किया है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। सीरिया और तुर्किये में हुए इस हादसे के बाद भारत ने राहत सामग्री और विमान भी भेजे हैं।
रय्या लबीब ने कही ये बात
रय्या लबीब ने लिखा है कि मेरे पूर्वज तुर्किये और ईरानी मूल के थे, हालांकि मेरा जन्म और पालन पोषण असम में हुआ था। जिसका मतलब यह है कि तुर्की में पीढ़ियों से मेरे रिश्तेदार रह रहे हैं। मेरे पिता उनमें से कुछ लोगों के संपर्क में है। हालांकि अब हम सभी संपर्क खो चुके हैं। इस हादसे के बाद मेरा दिल तुर्की के लोगों के लिए बाहर आ गया है।
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दस हजार तक बढ़ सकता है आंकड़ा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तुर्किये और सीरिया के बचावकर्मियों ने मंगलवार के दिन राहत कार्य जारी रखा। इस कड़ाके की ठंड के दौरान 6200 से अधिक लोगों की जान लेने वाले इस भूकंप में इमारतों के नीचे बचे लोगों को खोजने की कोशिश की। इस भयंकर भूकंप के बाद ज्यादा मौतों की आशंका जताई जा रही हैं। क्योंकि लोगों के शव मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जिनकी खोजबीन जारी है। अनौपचारिक स्रोतों के अनुसार बताया जा रहा है कि मृत पीड़ितों की संख्या 10,000 तक भी बढ़ सकती है।
लोगों ने माना कि दुनिया खत्म होने को है
इस हादसे में बचने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें ऐसा लगा मानों दुनिया खत्म हो रही है। सीरिया और तुर्किये में 7 से 8 तीव्रता के भूकंप के बाद कई देशों ने सहायता पहुंचाने के लिए कहा है। वहीं, जो लोग सो रहे थे वह लोग बचने में असफल रहे हैं। इसके अलावा ठंड के इस मौसम के बीच संघर्ष और युद्ध से प्रभावित इलाकों में आपातकालीन प्रयासों में मुश्किलें उत्पन्न हुई थी।
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