बॉलीवुड अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने साल 2025 में निर्देशन की दुनिया में कदम रखा है। उन्होंने थ्रिलर फिल्म ‘साली मोहब्बत’ का निर्देशन किया है। यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई थी और फिल्म को मिले-जुले रिएक्शन हासिल हुए थे। अब टिस्का का ऐसा मानना है कि बॉलीवुड में क्रिएटिव नजरिए से रिस्क लेने से मेकर्स काफी घबराते हैं और वो राइटिंग पर कम ध्यान देते हैं।
हम लेखकों को प्रोत्साहित नहीं करते
बॉलीवुड बबल के साथ बातचीत के दौरान टिस्का चोपड़ा ने बॉलीवुड में होने वाले बदलावों को लेकर बात की। साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री की उन कमियों का भी जिक्र किया, जिन्हें दूर किया जाना बहुत जरूरी है। एक्ट्रेस ने कहा कि समस्या यह है कि हम फलों को पानी दे रहे हैं, जड़ों को नहीं, यानी लेखन को। काम बेहद सतही हो गया है। मैं यह नहीं कह रही कि कॉमर्शियल या कॉमेडी फिल्में नहीं बन सकतीं, लेकिन इसकी शुरुआत राइटिंग से होती है।
आपको अपने लेखकों को समय देना होगा और उन्हें आइडियाज पर सोचने की आजादी देनी होगी, तभी वो कुछ क्रिएटिव सोच पाएंगे। लेकिन हम लेखकों को प्रोत्साहित नहीं करते। हम बहुत डरे हुए हैं। कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहता। हम वही पुरानी चीजें थोड़े-बहुत बदलाव के साथ करते रहते हैं। दर्शक अब इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। जब आप दृढ़ विश्वास के साथ कुछ नया लाते हैं, तो लोग उसे स्वीकार कर लेते हैं।
यह खबर भी पढ़ेंः अनुपम खेर ने शुरू की ‘खोसला का घोसला 2’ की शूटिंग, 550वीं फिल्म करने पर बोले- ‘अभी इंटरवल पॉइंट पर पहुंचा हूं’
कई और दिग्गज भी क्रिएटिविटी को लेकर कर चुके हैं बात
टिस्का चोपड़ा से पहले भी कई दिग्गज बॉलीवुड में लेखकों को प्रोत्साहित करने और राइटिंग में कुछ क्रिएटिव करने की बात कह चुके हैं। धुरंधर की तारीफ करते हुए अधिकांश लोगों ने फिल्म की राइटिंग और उसके तकीनीकि पक्ष की तारीफ की है। इनमें ऋतिक रोशन, सुधीर मिश्रा और राम गोपाल वर्मा जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं।