रात अकेली है, शकुंतला देवी, लूटकेस, यारा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
केंद्र सरकार की तरफ से देशभर में सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत मिलने के बाद सिनेमाघरों के मालिकों ने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह अपने सिनेमाघरों में उन फिल्मों को रिलीज नहीं करेंगे जो लॉकडाउन के दौरान सिनेमाघरों को छोड़कर सीधे ओटीटी पर रिलीज हो चुकी हैं। इस फिल्मों में 'दिल बेचारा', 'सड़क 2', 'शकुंतला देवी', 'खुदा हाफिज', 'गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल', 'गुलाबो सिताबो' जैसी कई फिल्में शामिल हैं।
इन फिल्मों के निर्माताओं ने जब अपनी फिल्मों को सिनेमाघरों की बजाय सीधे ओटीटी पर रिलीज करने की घोषणा की थी तब सिनेमाघरों के मालिकों ने एक प्रेस रिलीज जारी करके फिल्म निर्माताओं के फैसले पर एतराज जताया था। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि वह फिल्म निर्माताओं के फिल्मों को ओटीटी पर रिलीज करने के फैसले से काफी निराश हैं। उनके इस फैसले से फिल्मों और सिनेमाघरों के बीच मतभेद पैदा हो सकते हैं। हालांकि, इसके जवाब में निर्माताओं ने भी सिनेमाघर मालिकों को यह भरोसा दिलाया था कि देश में जब सिनेमाघरों के ताले फिर से खुलेंगे, तब वह अपनी फिल्में इन सिनेमाघरों में ही रिलीज करेंगे।