फिल्म पर क्यों हो रहा विवाद
'एल 2-एम्पुरान' में सुपरस्टार मोहनलाल मुख्य भूमिका में हैं और पृथ्वीराज सुकुमारन ने निर्देशन किया है। फिल्म को 2002 के गुजरात दंगों के कथित चित्रण के कारण दक्षिणपंथी समूहों के विरोध का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्माताओं ने माफी मांगी और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के निर्देश पर 17 कट्स के साथ फिल्म को फिर से संपादित करने का फैसला किया। मोहनलाल ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, 'एक कलाकार के रूप में मेरा कर्तव्य है कि मेरी फिल्में किसी भी राजनीतिक आंदोलन, विचारधारा या समुदाय के प्रति नफरत न फैलाएं। हम दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित हिस्सों को हटाने का निर्णय ले रहे हैं।'
सुदीप्तो सेन का कटाक्ष
इस माफी के जवाब में सुदीप्तो सेन ने अपनी फिल्म 'द केरल स्टोरी' का उदाहरण देते हुए एक लंबा पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा, 'हमने 'द केरल स्टोरी' के लिए कभी माफी नहीं मांगी। हमने फिल्म से एक भी शॉट नहीं हटाया, क्योंकि हम हर शब्द और हर दृश्य के साथ खड़े थे।' सुदीप्तो ने दावा किया कि उनकी फिल्म को सीबीएफसी से बिना किसी कट के 'ए' सर्टिफिकेशन मिला और सुप्रीम कोर्ट ने भी 20 से अधिक याचिकाओं के बावजूद, फिल्म से एक भी दृश्य हटाने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने केवल एक डिस्क्लेमर में बदलाव का सुझाव दिया था, जिसे उन्होंने मान लिया।
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सुदीप्तो सेन की पोस्ट
सुदीप्तो ने अपनी पोस्ट में 'द केरल स्टोरी' में दिखाए गए 32,000 की संख्या पर उठे सवालों का भी जिक्र किया। यह संख्या फिल्म में दावा करती है कि केरल की 32,000 महिलाओं को इस्लाम में परिवर्तित कर आईएसआईएस में भर्ती किया गया था, जिसे लेकर भारी विवाद हुआ था। सुदीप्तो ने कहा, '32,000 की संख्या पर स्पष्टीकरण के लिए हमारा यूट्यूब वीडियो देखें। यह 10 साल की जमीनी शोध का नतीजा है।' उन्होंने यह भी कहा कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कम्युनिस्ट नेता वी.एस. अच्युतानंदन ने कहा था कि केरल अगले 20 साल में इस्लामिक राज्य बन जाएगा और उनकी फिल्म उसी बात को दोहराती है।
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'एल 2-एम्पुरान' और 'द केरल स्टोरी' का विवाद
'एल 2-एम्पुरान' और 'द केरल स्टोरी' दोनों ही संवेदनशील सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को छूती हैं, लेकिन इनके प्रति निर्माताओं का रुख अलग रहा। जहां 'एल 2-एम्पुरान' के निर्माताओं ने दर्शकों की भावनाओं और दबाव के आगे झुकते हुए माफी मांगी और कट्स स्वीकार किए, वहीं सुदीप्तो सेन ने अपनी फिल्म को सच की जीत करार देते हुए किसी भी बदलाव से इनकार किया। सुदीप्तो ने अपनी पोस्ट में मीडिया और राजनेताओं पर भी निशाना साधा, उन्हें वोट-बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति छोड़ने की सलाह दी।