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The Black Tiger: आखिर कौन हैं 'द ब्लैक टाइगर' रवीन्द्र कौशिक? बड़े पर्दे पर आने जा रही रियल हीरो की असली कहानी

Thu, 09 Feb 2023 06:56 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

हाल ही में अनुराग बसु ने रॉ ऑफिसर रवीन्द्र कौशिक के जीवन पर एक बायोपिक बनाने की घोषणा की है। फिलहाल फिल्म का नाम 'द ब्लैक टाइगर' रखा गया है। यह फिल्म रवीन्द्र के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर आधारित होगी।
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अनुराग बसु, रवीन्द्र कौशिक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बॉलीवुड में जासूसी पर आधारित फिल्मों के लिए एक अलग जगह है। हिंदी सिनेमा में अब तक जासूसी पर बहुत सी फिल्में पहले भी बन चुकी हैं। इन दिनों फिल्म पठान की भी खूब जोरों पर चर्चा है, जिसमें शाहरुख खान ने एक जासूस की ही भूमिका निभाई है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चांदी कूट रही है और नए-नए रिकॉर्ड बना रही है। पठान से पहले नए नवेले दूल्हा बने सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म मिशन मजनू भी ओटीटी पर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भी सिद्धार्थ ने एक जासूस की भूमिका अदा की थी। अब जासूसी पर एक और फिल्म बनने जा रही है, जिसका निर्देशन अनुराग बसु करने जा रहे हैं। 

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रवीन्द्र कौशिक - फोटो : सोशल मीडिया
हाल ही में अनुराग बसु ने रॉ ऑफिसर रवीन्द्र कौशिक के जीवन पर एक बायोपिक बनाने की घोषणा की है। फिलहाल फिल्म का नाम 'द ब्लैक टाइगर' रखा गया है। यह फिल्म रवीन्द्र के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर आधारित होगी। हालांकि अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कास्ट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। एक मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान अनुराग बसु ने कहा, रविद्र कौशिक की बायोपिक साहस की कहानी है। उन्होंने 20 साल की उम्र से ही देश की सुरक्षा के लिए कई ऐसे काम किए, जिससे 70 से 80 के दशक में देश को बहुत फायदा हुआ'।

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रवीन्द्र कौशिक - फोटो : सोशल मीडिया
अनुराग बसु ने आगे कहा, 'हमने इतिहास का काफी हिस्सा भुला दिया है, जिसे हमको जानने की जरूरत है'। बता दें कि द ब्लैक टाइगर में रवीन्द्र कौशिक की बहादुरी के किस्से दिखाए जाएंगे। इस रवीन्द्र रॉ के एक शातिर जासूस थे। वह महज 20 साल के थे जब वह अपने पहले मिशन पर गए थे। रवीन्द्र को भारत के बेहतरीन जासूसों में से एक माना जाता है। अपनी बुद्धिमानी के कारण वह पाकिस्तान के उच्च सैन्य पदों के अधिकारियों तक पहुंच गए थे। वह करीब आठ साल पाकिस्तानी सेना में मेजर बनकर रहे। इसी प्रतिभा के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें 'द ब्लैक टाइगर' नाम दिया था।
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रवीन्द्र कौशिक - फोटो : सोशल मीडिया
1983 में रवीन्द्र का राज खुल गया। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने भारत सरकार से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली। आखिरकार पाकिस्तानी एजेंसियों ने उन्हें पकड़कर सियालकोट की जेल में कैद कर लिया। इस दौरान उन्हें टॉर्चर किया गया और कई मुकदमे भी चलाए गए। 2001 में टीबी और हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौत हो गई।
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