तसलीमा ने अपना दर्द किया साझा
तसलीमा नसरीन ने साझा किए गए पोस्ट में लिखा है, 'एआर रहमान मुस्लिम हैं और भारत में बेहद मशहूर हैं। जहां तक मैंने सुना है, उनकी फीस बाकी सभी कलाकारों से अधिक है। वे शायद सबसे अमीर म्यूजिशियन हैं। वह शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें बॉलीवुड में काम नहीं मिलता, क्योंकि वह मुस्लिम हैं। शाहरुख खान अभी भी बॉलीवुड के बादशाह हैं; सलमान खान, आमिर खान, जावेद अख्तर, शबाना आजमी-ये सभी सुपरस्टार हैं। मशहूर और अमीर लोगों को कहीं भी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के हों'।
लिखा- 'भले ही मैं नास्तिक हूं, लेकिन...'
तसलीमा ने आगे लिखा है, 'मुश्किलें मेरे जैसे गरीब लोगों को होती हैं। भले ही मैं नास्तिक हूं, लेकिन मेरे नाम की वजह से मुझे मुस्लिम माना जाता है। जो लोग मुस्लिम विरोधी हैं, उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई नास्तिक है या आस्तिक। कोई मुझे अपार्टमेंट किराए पर नहीं देना चाहता। जब मैं अस्पताल जाती हूं, तो मुझे धोखा दिया जाता है। हैदराबाद में नास्तिक होने पर भी मुझे पीटा जाता है। मैं औरंगाबाद में कदम नहीं रख सकती। मुझे पश्चिम बंगाल से बाहर निकाल दिया जाता है। ये समस्याएं एआर रहमान की जिंदगी या बॉलीवुड के मुस्लिम सितारों की जिंदगी के आस-पास भी नहीं आतीं। मैं नागरिक नहीं हूं। नागरिक और निवासी के बीच, वोट देने के अधिकार को छोड़कर, बाकी सभी अधिकार समान हैं। कम से कम कानून तो यही कहता है'।
'रहमान को सभी धर्मों के लोग प्यार करते हैं'
तसलीमा लिखती हैं, 'कई नागरिक प्यार से भारत में नहीं रहते, मैं यहां इसलिए रहती हूं, क्योंकि मुझे इससे प्यार है। इस्लाम की खोखली हड्डियों को चीरने के बाद मैं निर्वासन की सजा जी रही हूं। फिर भी लोग मुझसे कहते हैं, 'तुम लोग चांद देखकर ईद मनाते हो या तुम्हारे यहां बहुविवाह होता है'। इस देश के आम लोग नास्तिकता या नास्तिकता पर आधारित मानवतावाद के बारे में शायद ही कुछ जानते हैं। इस जमीन के मर्द और औरतें मेरे अपने लोग हैं। इस मिट्टी की संस्कृति मेरी संस्कृति भी है'। उन्होंने आगे कहा है, 'एआर रहमान का सम्मान हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई, नास्तिक और आस्तिक सभी करते हैं। ऐसी बातें करना उन्हें शोभा नहीं देता'।