साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत के लिए एक बुरी खबर आई है। दरअसल फिल्म 'कोचडियायन' के अधिकार बेचने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रजनीकांत की पत्नी लता रजनीकांत को फटकार लगाई है। कोर्ट ने उन्हें चेतावनी दी है कि वह या तो एड ब्यूरो कंपनी को लोन के 6.2 करोड रुपये चुकाए या फिर ट्रायल फेस करने को तैयार रहें। कोर्ट ने उन्हें इसके लिए 10 जुलाई तक की मोहलत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने लता रजनीकांत को 6.2 करोड़ रुपये 12 हफ्ते में एड फैक्टर नाम की कंपनी को देने कहा था। फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर तमिल मेगास्टार रजनीकांत की पत्नी की कंपनी वन ग्लोबल इंटरटेंमेंट पैसे अदा नहीं करती तो रजनीकांत की पत्नी लता रजनीकांत को ये पैसे देने होंगे।
ये है पूरा मामला
मामला फरवरी 2016 का है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने लता को बारह हफ्ते के भीतर एड फैक्टर कम्पनी को 6.2 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया था। यह भुगतान फिल्म 'कोचडियायन' के अधिकारों को बेचने के संदर्भ में था।
2016 में विज्ञापन ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की जिसमें यह बताया गया की फिल्म 'कोचडियायन' के निर्माण के लिए 10 करोड़ का लोन लिया गया था। लोन का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। यहां तक कि फिल्म के राइट्स बेचने के अधिकार हमारी कंपनी के पास थे, वह भी इरोज इंटनेशनल को बेच दिए गए।