'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव'
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव'
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
क्या है फिल्म की कहानी?
'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव' मालेगांव के एक शौकिया फिल्ममेकर नासिर शेख की सच्ची कहानी से प्रेरित है। मालेगांव के लोग अपनी मेहनत भरी जिंदगी से राहत पाने के लिए बॉलीवुड फिल्मों का सहारा लेते हैं। नासिर अपने शहरवासियों के लिए कुछ अलग करने का सपना देखता है। वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर मालेगांव के लोगों द्वारा और उनके लिए एक फिल्म बनाता है। यह फिल्म न केवल उसके सपने को सच करती है, बल्कि पूरे शहर में नई उम्मीद जगाती है। यह कहानी दोस्ती, जुनून और सिनेमाई रचनात्मकता का खूबसूरत से पेश करती है।
'सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव'
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वैश्विक स्तर पर मिली खूब वाहवाही
प्राइम वीडियो पर रिलीज होने से पहले इस फिल्म ने दुनियाभर के फिल्म समारोहों में खूब धूम मचाई। 49वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसके विश्व प्रीमियर को स्टैंडिंग ओवेशन मिला। 36वें पाम स्प्रिंग्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसे यंग सिनेस्ट्स अवॉर्ड में विशेष सम्मान मिला। साथ ही, ऑस्ट्रेलिया के पहले नेशनल इंडियन फिल्म फेस्टिवल में इसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।