स्कूल-कॉलेज बंक करके देखते थे फिल्में
सुभाष घई ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर कई निर्दशकों और अभिनेताओं की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरों का एक कोलाज मोंटाज शेयर किया है, जिसमें गुरु दत्त से लेकर राज कूपर तक की तस्वीर लगी हुई है। इस तस्वीर के साथ उन्होंने बताया कि जब वह जवान थे, तो अक्सर स्कूल और कॉलेज से भाग जाया करते थे। वह राज कपूर, गुरु दत्त, ऋषिकेश मुखर्जी और यश चोपड़ा जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की फिल्में देखने के लिए ऐसा किया करते थे।
हिट, अच्छी और क्लासिक फिल्म में क्या अंतर है?
इस खास कोलाज को शेयर करते हुए सुभाष घई ने फिल्मों को लेकर एक बहुत खूबसूरत बात लिखी है। उन्होंने लिखा, 'जब आपको कोई फिल्म पसंद आती है, तो वह एक हिट फिल्म होती है। जब आप किसी फिल्म पर चर्चा करते हैं, तो वह एक अच्छी फिल्म होती है। और जब आपको कोई फिल्म हमेशा याद रहती है, तो वह एक क्लासिक फिल्म होती है।'
कैसे हुई फिल्मों की पढ़ाई?
सुभाष घई ने आगे बताया कि बचपन में स्कूल-कॉलेज बंक करके फिल्में देखना ही उनकी शुरुआती पढ़ाई थी, जिसने उन्हें अनजाने में ही फिल्म बनाना सिखा दिया। इसके बाद 22 साल की उम्र में उन्होंने पुणे के फिल्म इंस्टीट्यूट (FTII) में एडमिशन लिया, जहां उन्हें दुनिया भर के सिनेमा को समझने का मौका मिला। बाद में उन्होंने मुंबई आकर कमर्शियल फिल्में बनाना शुरू किया।
बॉलीवुड में सुभाष घई का सफर
सुभाष घई बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन निर्देशकों में से एक हैं। अपने 50 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। इस लिस्ट में 'कर्ज', 'राम लखन', 'खलनायक', 'परदेस', 'ताल' के अलावा 'हीरो' जैसी कई फिल्में शामिल हैं। सुभाष ने ही जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्री को अपनी फिल्म 'हीरो' में पहला बड़ा ब्रेक दिया था।