साहिर लुधियानवी उन गिने-चुने शायरों में थे जिन्होंने अदब की दुनिया में जितना नाम कमाया, उतना ही फिल्मी दुनिया में भी। साहिर उन गीतकारों में से थे जिनकी शायरी अपने असली रूप में फिल्मों में पहुंची थी।
फिल्मों में गाने लिखने के लिए उन्हें अपनी शायरी के स्तर से समझौता नहीं करना पडा। साहिर की 35वीं पुण्य तिथि पर उन्हें याद कर रहे हैं रेहान फजल विवेचना में। विवेचना सुनने के लिए यहां क्लिक करें।