अक्षय कुमार स्टारर सिंग इज ब्लिंग के निर्माता फिल्म से उन हिस्सों को हटाने पर सहमत हो गए हैं जिन पर सिख समुदाय को आपत्ति है। यह पहला मौका नहीं है जब अक्षय की किसी फिल्म ने सिखों की भावनाओं को आहत किया है। इससे पहले सिंग इज किंग के दौरान भी उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था और फिल्म से कुछ दृश्य हटाने पड़े थे।
पिछले महीने सिंग इज ब्लिंग का ट्रेलर रिलीज होने के बाद अक्षय और निर्माता-निर्देशक को सिखों की आलोचना का सामना करना पड़ा। सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था अकाल को तख्त फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत में आने वाले संवाद पर कड़ी आपत्ति थी जिसमें पंजाब की शोहरत स्वर्णमंदिर, पगड़ी, भांगड़ा और कबड्डी के साथ चिकन-व्हिस्की को भी बताया गया।
फिल्म के पोस्टर पर अर्द्धनग्न लड़कियों की तस्वीरों पर भी समुदाय ने आपत्ति व्यक्त की। इसके अलावा सिख कड़े पर गुरबानी के शब्दों को लिखा दिखाया गया है, जो सिख धर्मगुरुओं के मुताबिक गलत है। तमाम विरोध के बीच पिछले दिनों निर्माताओं ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की शरण ली और विवाद खत्म करने की पहल की।
निर्माता माने तो सिख भी मान गए
शहीद भगत सिंह सेवा दल के जितेंदर सिंह शंटी के अनुसार पिछले दिनों दिल्ली में गुरुद्वारा कमेटी ने निर्माताओं और सेंसर बोर्ड सदस्यों के साथ फिल्म देखी और उन्हें बताया कि फिल्म के कौन से दृश्य और संवाद सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि निर्माता आपत्तियों को दूर करने पर सहमत हैं।
इससे पहले द पंजाबी कल्चरल हैरिटेज बोर्ड ने भी सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली को फिल्म के खिलाफ पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि शराब कभी पंजाब की पहचान नहीं रही। उन्होंने फिल्म के एक दृश्य में अक्षय द्वारा अपनी पगड़ी को जलाने के दृश्य पर भी कड़ी आपत्ति की और कहा कि निर्माता जानते नहीं कि पगड़ी स्वाभिमान का प्रतीक है।
अक्षय कुमार का सम्मान करेगा शहीद भगत सिंह सेवा दल
फिल्म में अक्षय द्वारा कड़ा निकाल कर उससे बदमाशों को पीटते दिखाने के दृश्य को भी सही नहीं ठहराया क्योंकि सिख कभी ऐसा नहीं करते। पंजाब के अन्य संगठनों ने भी सिंग इज ब्लिंग के ट्रेलर और गानों में दिखाई कई बातों का विरोध किया था।
25 अक्तूबर को फिल्म रिलीज होनी है। वैसे निर्माताओं द्वारा फिल्म से आपत्तिजनक बातें हटाए जाने के बाद विरोध के स्वर बंद हो जाने की उम्मीद है। निर्माताओं के भरोसे के बाद फिल्म को लेकर सिखों की नाराजगी दूर हो जाने की बात कही जा रही है।
उधर, शहीद भगत सेवा दल ने विवाद खत्म होने के बाद शहीद भगत सिंह के जन्मदिन 27 सितंबर पर अक्षय कुमार को सम्मानित करने का फैसला किया है। उन्हें सद्भावना अवार्ड के रूप में एक कार्यक्रम में तलवार भेंट की जाएगी।